लखनऊ को एआई सिटी के रूप में विकसित कर रही डबल इंजन की सरकार : सीएम योगी

Summary :

लखनऊ में 588 करोड़ की 114 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में फोर लेन के दो प्रमुख फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। इनमें 270 करोड़ रुपये की लागत से बना इंदिरा नगर सेक्टर 25 से खुर्रमनगर-कल्याणपुर फ्लाईओवर (3 किमी) और 170 करोड़ रुपये की लागत से बना पॉलिटेक्निक से मुंशी पुलिया चौराहा फ्लाईओवर (2 किमी) शामिल हैं। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुल 588 करोड़ रुपये की 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार द्वारा लखनऊ को न केवल एयरो सिटी बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिटी के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।

जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हो रहा है और राज्य के हर नागरिक को बेहतर बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। लखनऊ को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिसमें 440 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग की दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं और करीब 600 करोड़ रुपये की विभिन्न राज्य परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल है। लखनऊ को मेट्रो शहरों की तरह विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिफेंस कॉरिडोर के तहत लखनऊ में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना को आगे बढ़ाने से लेकर झांसी में बड़े प्रोजेक्ट्स को लाकर यूपी को डिफेंस निर्माण का केंद्र बनाने में रक्षा मंत्री का योगदान अमूल्य है। स्टेट कैपिटल रीजन की तर्ज पर लखनऊ को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। ग्रीन कॉरिडोर, किसान पथ, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं लखनऊ को विश्व स्तरीय शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ते हुए लखनऊ को ट्रांसपोर्ट हब बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के ऐतिहासिक आयोजन को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में अब तक 50 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, जो उत्तर प्रदेश की शक्ति और व्यवस्थागत कुशलता को दर्शाता है। आज महाकुंभ में लोगों की सैकड़ों वर्षों से दबी हुई भावनाओं को सम्मान मिल रहा है। महाकुंभ का आयोजन रक्षा मंत्रालय की भूमि पर होता है और पिछले आठ वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार को यह भूमि लीज पर सहजता से प्राप्त हो रही है। इस साल पहली बार श्रद्धालु अक्षयवट, पातालपुरी और सरस्वती कूप के दर्शन कर पा रहे हैं, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से सीमित पहुंच में रखा गया था।

सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ में असाधारण भीड़ को संभालने के लिए सड़क मार्ग, रेलवे और वायु मार्ग से बेहतरीन कनेक्टिविटी दी गई है। 40 रेगुलर फ्लाइट्स प्रयागराज को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ रही हैं, रेलवे द्वारा सैकड़ों मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है। सड़क मार्ग से सबसे अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं और इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा स्वीकृत विभिन्न सड़क परियोजनाओं ने अहम भूमिका निभाई है। मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया और सुचारू व्यवस्थाओं के कारण कोई अव्यवस्था नहीं हुई। यह डबल इंजन सरकार की प्रशासनिक दक्षता का परिणाम है।

सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ न केवल आस्था का महापर्व है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अनुमान लगाया कि इस आयोजन से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। कुछ लोग महाकुंभ पर खर्च को लेकर सवाल उठाते हैं, लेकिन यह निवेश प्रयागराज के संपूर्ण पुनरुद्धार के लिए किया गया है। महाकुंभ पर कुल 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बदले में उत्तर प्रदेश को 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ होने जा रहा है। यह आयोजन पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा प्रोत्साहन देगा।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 22 जनवरी को प्रयागराज में सामूहिक स्नान कर महाकुंभ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किया कि प्रयागराज में शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक नया ब्रिज और यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जाए। यह महाकुंभ जैसे आयोजनों को सुगम बनाने के साथ-साथ प्रयागराज की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा। उत्तर प्रदेश अब ‘नए भारत का नया उत्तर प्रदेश’ बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं और राज्य को भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की जनता अब विश्व स्तरीय सुविधाओं का अनुभव कर रही है और प्रदेश में निवेश, उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हो रहा है।

इन प्रमुख परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण

– बसंतकुंज योजना के निकट नागरियाकला में 400 केएल एवं जी-20 रोड जनेश्वर मिश्र पार्क के निकट 20 केएल स्ट्रॉम ड्रेनेज हेतु फ्लड पंपिंग स्टेशन

– बसंतकुंज योजना के सेक्टर-आई में 6 डीप नलकूप सीजी सिटी में हार्मनी पार्क (म्यूजिकल एवं स्पोर्ट्स पार्क)

– अहिमामऊ में कल्याण मंडप

शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाएं

– कबीरनगर-देवपुर पारा आवासीय योजना में 1,032 ईडब्ल्यूएस आवास एवं सड़क

– गोमती पर कुकरैल नदी से बैकुंठ धाम तक 4 लेन ब्रिज

– सीजी सिटी योजना के दक्षिणी भाग में ग्रीन पार्क

– शहीद पथ से किसान पथ की ओर गोमती के एलएचएस तटबंध पर सड़क

– बसंतकुंज आवासीय योजना में बरीकला बैरल के पास 400 केएल क्षमता का फ्लड पंपिंग स्टेशन

– गोमती पर पक्के पुल के पास बंधों पर 4 लेन आर्च सेतु एवं पहुंच मार्ग

– माल-दुबग्गा मार्ग (17 किमी) का सुदृढ़ीकरण

– नगराम-निगोहा मार्ग के चैनेज 20 से 29.750 तक का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण

– कुर्री-सुदौली मार्ग (लंबाई-5.730 किमी) का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण

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News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.