उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने गोमती रिवरफ्रंट में कथित घोटाले के सिलसिले में सोमवार को सीबीआई द्वारा विभिन्न स्थानों पर छापेमारी का जिक्र करते हुए कहा कि यह घोटाला पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार की हरकतों को जाहिर कर रहा है। सीबीआई द्वारा की जा रही छापेमारी के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि हमने सीबीआई से पहले भी अनुरोध किया है कि ऐसे घोटालों की जांच तेजी से की जाए। सीबीआई केंद्र की एजेंसी है और अपने तरीके से कार्य कर रही है। गोमती रिवरफ्रंट घोटाले में 16 इंजीनियर और 173 ठेकेदारों के घरों पर छापेमारी हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोमती रिवरफ्रंट का घोटाला अखिलेश सरकार की करतूतों को चीख-चीख कर बता रहा है। सीबीआई सात राज्यों और 40 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। सीबीआई अपना काम कर रही है। गौरतलब है कि सीबीआई ने लखनऊ में गोमती रिवरफ्रंट परियोजना में कथित अनियमितताओं के संबंध में एक नया मामला दर्ज करते हुए कई राज्यों में करीब 42 स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है इनमें उत्तर प्रदेश के 13 जिले, राजस्थान का अलवर और पश्चिम बंगाल का कोलकाता जिला भी शामिल है।
सीबीआई द्वारा दर्ज इस नए मामले में 189 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश सरकार के अभियंता तथा अन्य अधिकारी शामिल हैं। सीबीआई ने गोमती रिवरफ्रंट परियोजना के सिलसिले में यह दूसरी प्राथमिकी दर्ज की है। रिवरफ्रंट परियोजना उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में बनी थी। सीबीआई ने यह कार्रवाई ऐसे समय शुरू की है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में महज चंद महीने बाकी रह गए हैं।


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