दिवंगत धार्मिक नेता खामेनेई के पोस्टर हटाने के खिलाफ HC में जनहित याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- ‘आरोप अस्पष्ट’

Summary :

Allahabad HC Khamenei Poster : ईरान में दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की 5 दिन की फ्यूनरल सभा ख़त्म हो गई है। मगर उन्हें लेकर विवाद और चर्चाएं हर देश में जारी हैं। भारत में भी खामेनेई को लेकर एक मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा।बता दें इसी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस पर ईरान के धार्मिक नेताओं के पोस्टर और तस्वीरें मनमाने ढंग से हटाने का आरोप लगाए गए थे। अलाहाबाद कोर्ट ने साफ कहा कि याचिका में पुलिस के खिलाफ जो भी आरोप…

Allahabad HC Khamenei Poster : ईरान में दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की 5 दिन की फ्यूनरल सभा ख़त्म हो गई है। मगर उन्हें लेकर विवाद और चर्चाएं हर देश में जारी हैं। भारत में भी खामेनेई को लेकर एक मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा।बता दें इसी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस पर ईरान के धार्मिक नेताओं के पोस्टर और तस्वीरें मनमाने ढंग से हटाने का आरोप लगाए गए थे।

अलाहाबाद कोर्ट ने साफ कहा कि याचिका में पुलिस के खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे बेहद सामान्य और अस्पष्ट हैं। याचिका में किसी भी ऐसी ठोस या विशेष घटना का जिक्र नहीं है जहां पुलिस ने ऐसा कोई कदम उठाया हो। इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजन राय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की डिवीज़न बेंच कर रही थी। वहीं याचिका ‘मजलिस उलेमा-ए-हिंद’ संस्था की तरफ से उनके महासचिव मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी द्वारा द्वारा की गई थी।

क्या थी याचिकाकर्ता की मांग?

Ayatollah Ali Khamenei
Ayatollah Ali Khamenei

इस जनहित याचिका में अदालत से अपील की गई थी कि यूपी के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए जाएं। इसमें मांग थी कि जो लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपने धार्मिक नेताओं की तस्वीरें लगाते हैं या किसी धार्मिक शोक सभा में शामिल होते हैं, पुलिस उनके खिलाफ कोई भी दमनकारी कार्रवाई न करे।

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से विशेष रूप से यह आदेश देने का अनुरोध किया था कि निजी घरों या दुकानों पर कानून के दायरे में लगाए गए आयतुल्ला सैयद अली ख़ामेनेई और आयतुल्ला सैयद अली अल-सिस्तानी जैसे धार्मिक नेताओं के बैनर या पोस्टर हटाने से पुलिस को रोका जाए।

हाईकोर्ट ने क्यों किया इनकार?

iranian leaders posters display
iranian leaders posters display

हालाँकि इस मामले को हाईकोर्ट ने संज्ञान लेने से मना कर दिया। मामले से जुड़े कागजातों को देखने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका में सिर्फ एक सामान्य बात कही गई है कि पुलिस शिया समुदाय के पसंदीदा ईरानी नेताओं के पोस्टर हटवा रही है। जबकि इसमें किसी भी ऐसी जगह, मकान या दुकान का स्पष्ट ब्योरा नहीं दिया गया है जहां असल में यह कार्रवाई हुई हो।

लाइव ला की जानकारी के अनुसार, अदालत ने स्पष्ट किया कि इतने अस्पष्ट आरोपों के आधार पर पुलिस के खिलाफ कोई बड़ा आदेश जारी नहीं किया जा सकता।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।