20 सैनिकों की शहादत पर बोलीं मायावती-देशहित और सीमा की रक्षा केंद्र का दायित्व

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मायावती ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई के संबंध में लोगों की राय अलग हो सकती है लेकिन देशहित और सीमा की रक्षा करना केंद्र सरकार का दायित्व है।

लद्दाख की गलवान घाटी में झड़प को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को कहा कि केंद्र  सरकार की अगली कार्रवाई के संबंध में लोगों की राय अलग हो सकती है लेकिन देशहित और सीमा की रक्षा करना केंद्र सरकार का दायित्व है।
मायावती ने ट्वीट किया ‘‘अभी हाल ही में 15 जून को लद्दाख में चीनी सेना के साथ हुए संघर्ष में कर्नल सहित 20 सैनिकों की मौत से पूरा देश काफी दु:खी, चिन्तित व आक्रोशित है। इसके निदान के लिए सरकार व विपक्ष दोनों को पूरी परिपक्वता व एकजुटता के साथ काम करना है जो देश-दुनिया को दिखे व प्रभावी सिद्ध हो।’’ 


उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन व चुनौती भरे समय में भारत सरकार की अगली कार्रवाई के सम्बंध में लोगों व विशेषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन मूल रूप से यह सरकार पर छोड़ देना बेहतर है कि वह देशहित व सीमा की रक्षा हर हाल में करे, जो कि हर सरकार का दायित्व भी है।  

उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून की रात को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच एक अभूतपूर्व हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें एक अधिकारी सहित 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से ही राहुल गांधी और तमाम विपक्ष केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। 

Desk Team