बसपा (बहुजन समाज पार्टी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लॉकडाउन का उल्लघंन करने पर प्रवासी श्रमिकों के खिलाफ दर्ज मामलों को राज्य सरकारों द्वारा वापस लेने पर विचार करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सराहनीय कदम बताया है।
मायावती ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, कोरोना महामारी व लॉकडाउन के कारण बेरोजगार व बेसहारा होकर जैसे-तैसे हजारों किलोमीटर दूर घर वापसी करते समय नियमों का अक्षरश: पालन नहीं कर पाने वाले मजलूम प्रवासी श्रमिकों के विरूद्घ जो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लेने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश सही, सामयिक व सराहनीय है।
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उन्होंने एक अन्य ट्वीट कर कहा, घर वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य में उनकी योग्यता का आकलन करके रोजगार की व्यवस्था करने सम्बंधी कोर्ट के निर्देश का भी भरपूर स्वागत। इस सम्बंध में अब सरकारों को गंभीर व संवेदनशील होकर ठोस कार्रवाई अविलम्ब शुरू कर देनी चाहिए, यह बीएसपी की मांग है।
1.कोरोना महामारी व लाॅकडाउन के कारण बेरोजगार व बेसहारा होकर जैसे-तैसे हजारों किलोमीटर दूर घर वापसी करते समय नियमों का अक्षरशः पालन नहीं कर पाने वाले मजलूम प्रवासी श्रमिकों के विरूद्ध जो मुकदमे दर्ज किए गए हैं उन्हें वापस लेने का मा. सुप्रीम कोर्ट का आदेश सही, सामयिक व सराहनीय।1/2
— Mayawati (@Mayawati) June 10, 2020
ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान वापस घर जाने और रोजगार तथा जीवनयापन के संकट से जूझ रहे प्रवासी श्रमिकों के हित में कुछ अहम आदेश दिए हैं। कोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकारों से कहा है कि वापस लौटने की इच्छा रखने वाले प्रवासियों को 15 दिन के अंदर उनके घर पहुंचाया जाए।
उन्हें सुविधा और रोजगार की व्यवस्था की जाए। कोर्ट ने आदेश दिया है कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर प्रवासियों श्रमिकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने पर भी राज्य सरकार विचार करें।


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