बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों से लौटे मजदूरों की बदहाली पर चिंता व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार को इन लोगों के लिए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।
2. साथ ही, कोरोना बीमारी से रोकथाम के लिए यूपी में बनाये गये सरकारी कोविड केन्द्रों में से अधिकतर वहाँ पर उचित साफ-सफाई व रख-रखाव आदि के अभाव के कारण कहीं वे बीमारी के नए केन्द्र न बन जायें, सरकार इस पर भी गंभीरता से ध्यान दे तो यह बेहतर होगा। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) July 17, 2020
मायावती ने एक ट्वीट श्रृंखला में कहा कि सरकार को कोविड-19 के इलाज के लिए स्थापित किए गए केंद्रों में साफ-सफाई का उचित ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने पर महामारी विकराल रूप धारण कर सकती है।
उन्होंने कहा , ” कोरोना महामारी और इस कारण लाॅकडाउन की मार से पीड़ित काफी बदहाल उत्तर प्रदेश में अपने घर वापस लौटे लाखों प्रवासी श्रमिक परिवारों की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब बने रहने के कारण अब वे फिर से रोजी-रोटी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हो रहे हैं, यह अति-गंभीर और चिन्ता की बात है।”
कोविड -19 इलाज केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं जुटाने की मांग करते हुए बसपा नेता ने कहा, ” कोरोना बीमारी से रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश में बनाये गये सरकारी कोविड केन्द्रों में से अधिकतर पर उचित साफ-सफाई और रख-रखाव आदि के अभाव के कारण कहीं वे बीमारी के नए केन्द्र न बन जायें, सरकार इस पर भी गंभीरता से ध्यान दे तो यह बेहतर होगा।”


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