वाराणसी में नागरिकता संशोधित कानून (सीएए) का विरोध करने के दौरान गिरफ्तार की गई, डेढ़ साल की बच्ची चंपक की माँ एकता गुरुवार की सुबह जमानत पर जिला कारागार से रिहा कर दी गयी। महमूरगंज निवासी कार्यकर्ता एकता और उसका पति रविशेखर संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करने को लेकर 19 दिसंबर से जेल में बंद थे।
एकता की डेढ़ साल की दुधमुंही बच्ची चंपक मां के लिए लगातार परेशान हो रही थी और उसकी हालत बिगड़ रही थी। एकता के वकील हिमाचल सिंह ने बताया ‘‘अपर जिला जज सप्तम सर्वेश कुमार पांडेय की अदालत ने बुधवार को सभी को 25 -25 हजार रुपये की जमानत पर रिहाई का आदेश दिया था। एकता की रिहाई हो गई।

बाकी लोगों के कागजात पूर्ण होते ही शाम तक उन्हें भी रिहा कर दिया जाएगा।’’ रिहाई के बाद एकता ने कहा ‘‘कार्यकर्ता के तौर पर जेल में रहना गर्व की बात थी, लेकिन एक माँ होने के नाते एक एक पल पहाड़ की तरह कट रहा था। 14 दिन एक माँ के रूप में मेरे लिए वनवास की तरह थे। आज चंपक बेहद खुश है और ऐसे खेल रही है, मानो उसे सभी खुशियां मिल गयीं।’’
उल्लेखनीय है कि संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में 19 दिसंबर को शहर के बेनिया बाग में एक जनसभा हुई थी जिसमे एकता (32) और रविशेखर (36) दोनों शामिल हुए थे। इस दौरान पुलिस के साथ कथित तौर पर धक्का मुक्की करने और भड़काऊ नारे लगाने के आरोप मे 56 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।


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