उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का आखिरकार कुछ साथी मिल ही गए।एआईएमआईएम ने आज उत्तर प्रदेश में बाबू सिंह कुशवाहा और भारत मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन की घोषणा की है। इस गठबंधन को ‘भागीदारी परिवर्तन मोर्चा’ का नाम दिया गया है। इसमें ओवैसी और कुशवाहा के अलावा भारत मुक्ति मोर्चा के वामन मेश्राम शामिल हैं। तीनों नेताओं ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया। इस गठबंधन के कन्वीनर बाबू सिंह कुशवाहा होंगे।
दो मुख्यमंत्री बनाए जाएंगेः ओवैसी
इस दौरान ओवैसी ने कहा कि अगर ये गठबंधन सत्ता में आता है, तो दो मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे। एक मुख्यमंत्री दलित होगा, जबकि दूसरा ओबीसी समाज से। इतना ही नहीं तीन डिप्टी सीएम भी बनाए जाएंगे। इनमें मुस्लिम समुदाय का भी होगा। वहीं, बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि इस गठबंधन में अभी और भी दल आ सकते हैं, दरवाजे बंद नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘सपा और बीजेपी के बीच जो लड़ाई है वह अब बीजेपी और भागीदारी परिवर्तन मोर्चे के बीच होगी। सपा गठबंधन तीसरे नंबर पर चला जाएगा।
ब्राह्मण नेता को भी दिया टिकट
बता दें कि ओवैसी की पार्टी ने इस बार एक ब्राह्मण नेता को भी टिकट दिया है। इसको लेकर पार्टी चर्चा में है। एआईएमआईएम पार्टी में अकेले ब्राह्मण पंडित मनमोहन झा गाजियाबाद के साहिबाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं। गाजियाबाद की साहिबाबाद से मनमोहन मैदान में उतरे हैं। इन्होंने ओवैसी की पार्टी की विचारधार को सही करार दिया है जिसकी वजह से वह पार्टी से जुड़े भी हैं।


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