हिंदू धर्म में पूजा के समय दीपक जलाने का खास महत्व माना गया है। पूजा के समय घर के मंंदिर में, सुबह-शाम दीया जलाना हमारे रोज के कामों का एक अहम हिस्सा है। शास्त्रों के अनुसार, दीपक अंधेरे को दूर करता है और घर में अच्छी ऊर्जा लाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि मंदिर में दीपक जलाने का भी एक सही समय और कुछ नियम होते हैं? मान्यताओं के अनुसार, अगर सही समय और नियमों से दीपक न जलाया जाए, तो पूजा का पूरा फल नहीं मिलता। आइए, जानें कि शास्त्रों के अनुसार Deepak Jalane Ke Niyam क्या हैं।
Deepak Jalane Ka Samay: दीपक जलाने का सही समय क्या है?

मान्यताओं के अनुसार, घर के मंदिर में सुबह और शाम दोनों वक्त दीपक जलाना अच्छा होता है। सुबह सूरज निकलने के समय दीपक जलाने से दिन की शुरुआत अच्छी ऊर्जा के साथ होती है। वहीं, शाम को सूरज डूबने के बाद दीपक जलाने से घर में सुख, शांति और खुशहाली आती है। खासकर शाम का समय पूजा और दीपक जलाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस समय दीपक जलाने से घर की बुरी ऊर्जा दूर भागती है।
किस तेल या घी का दीपक जलाना चाहिए?

धार्मिक ग्रंथों में गाय के शुद्ध घी का दीपक सबसे अच्छा माना गया है। माना जाता है कि घी का दीपक जलाने से भगवान की खास कृपा मिलती है। इसके अलावा, सरसों के तेल का दीपक भी अच्छा होता है, जिसका इस्तेमाल खासतौर पर शनि देव, हनुमान जी और पूर्वजों की पूजा में किया जाता है। कई पूजा-पाठ में तिल के तेल का दीपक भी जलाया जाता है। बस ध्यान रखें कि पूजा में इस्तेमाल होने वाला घी या तेल बिल्कुल शुद्ध होना चाहिए।
Deepak Jalane Ke Niyam: दीपक जलाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

- दीपक को हमेशा साफ-सुथरी जगह पर रखें।
- दीया जलाने से पहले भगवान का ध्यान करें और अपने मन को शांत रखें।
- कोशिश करें कि जब तक आपकी पूजा चल रही है, तब तक दीया जलता रहे।
- दीया जलाने के लिए कॉटन की बत्ती का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा माना जाता है।
- दीपक को कभी भी फूंक मारकर नहीं बुझाना चाहिए। अगर किसी वजह से उसे बुझाना पड़े, तो किसी फूल की मदद से ऐसा करें।
किस दिशा में रखना चाहिए दीपक?



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