“अकाल मृत्यु का योग और ग्रहों का अशुभ प्रभाव”, Premanand Ji Maharaj ने बताया इन दिनों बाल काटने के भयंकर दुष्परिणाम

Premanand Ji Maharaj

Premanand Ji Maharaj: आमतौर पर जो लोग ऑफिस जाते हैं या कोई बिजनेस करते हैं वे अपनी छुट्टी वाले दिन ही बाल या दाढ़ी कटवाते हैं। लेकिन सनातन धर्म में बाल, दाढ़ी या नाखून काटने के लिए निश्चित दिन बताए गए हैं। माना जाता है कि अगर इन निर्धारित दिनों को छोड़कर अन्य दिन ऐसा किया जाए, तो जीवन पर इसके गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं।

इस विषय पर प्रेमानंद जी महाराज ने बताया है कि बाल, दाढ़ी और नाखून काटने का एक तय समय (Scriptural Limits) होता है। हफ्ते के कुछ दिनों बाल या दाढ़ी कटवाने से ग्रहों की स्थिति अशुभ प्रभाव डाल सकती है। आइए जानते हैं, महाराज के अनुसार कौन से दिन इस कार्य के लिए उपयुक्त हैं और कौन से नहीं।

Premanand Ji Maharaj Teachings: इन दिनों में न करें बाल, दाढ़ी या नाखून कटाना

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Premanand Ji Maharaj Teachings (Photo: Freepik)
प्रेमानंद जी महाराज अपने सत्संग में बताते हैं कि सप्ताह के सात दिनों में से केवल दो दिन ऐसे हैं, जब बाल, दाढ़ी और नाखून काटना शुभ माना गया है, जबकि बाकी पांच दिनों में यह वर्जित है। उनका कहना है कि मंगलवार और शनिवार के दिन कभी भी दाढ़ी या बाल नहीं कटवाने चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से अकाल मृत्यु का योग बनता है। साथ ही जो व्यक्ति भगवान शिव का भक्त है या अपने पुत्रों की उन्नति चाहता है, उसे सोमवार के दिन भी बाल-दाढ़ी कटाने से बचना चाहिए।

अक्सर लोग रविवार के दिन भी बाल कटवाते हैं, लेकिन महाराज का कहना है कि ऐसा करने से व्यक्ति की बुद्धि, यश, धन और कीर्ति की हानि होती है। गुरुवार को बाल कटवाने से मान-सम्मान और लक्ष्मी की हानि हो सकती है।

Baal Kis Din Katne Chahiye:  इन 2 दिनों में करें बाल, दाढ़ी और नाखून कटाना

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Premanand Ji Maharaj Teachings (Photo: Freepik)
प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, व्यक्ति को केवल बुधवार और शुक्रवार के दिन ही बाल, दाढ़ी और नाखून कटवाने चाहिए। इन दिनों में ऐसा करने से शुभ फल, यश और लाभ की प्राप्ति होती है। इसलिए पूरे सप्ताह में सिर्फ बुधवार और शुक्रवार को ही बाल, दाढ़ी या नाखून काटना सबसे उचित माना गया है।
Premanand Ji Maharaj Love Tips: महाराज के अनुसार, किसी भी रिश्ते की नींव हमेशा आपसी विश्वास और एक दूसरे के प्रति ईमानदारी पर टिकी होती है। शक और विश्वासघात से रिश्ते कमजोर हो जाते हैं, इसलिए एक-दूसरे पर विश्वास होना जरुरी है, आगे पढ़ें…

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