Surya Dev ke 12 Naam: सनातन धर्म में रविवार का दिन विशेष रूप से सूर्य देव की उपासना के लिए शुभ माना गया है। इस दिन श्रद्धालु भक्त भक्ति भाव से सूर्य देव की पूजा करते हैं और उन्हें अर्घ्य अर्पित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि यदि रविवार को विधि-विधान से सूर्य देव की आराधना की जाए, तो जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
साथ ही, इस दिन सूर्य देव के 12 पवित्र नामों का जप करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, सभी बाधाएं समाप्त होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यहां पर सूर्य देव के 12 महाशक्तिशाली नाम और उनके साथ मंत्रों के बारे में बताया गया है। श्रद्धा के अनुसार प्रत्येक नाम का 11, 21 या 108 बार जप करना लाभकारी माना जाता है।
Surya Dev ke 12 Naam: सूर्य देव के 12 नाम

1. ॐ मित्राय नमः
इस मंत्र का जप करने से व्यवहार में मधुरता आती है, लोग सहज ही आपकी ओर आकर्षित होते हैं और विरोधी भी सौहार्दपूर्ण बने रहते हैं।
इस मंत्र का जप करने से व्यवहार में मधुरता आती है, लोग सहज ही आपकी ओर आकर्षित होते हैं और विरोधी भी सौहार्दपूर्ण बने रहते हैं।
2. ॐ रवये नमः
इस नाम का स्मरण मन की उलझनों को दूर करता है, सोच स्पष्ट होती है और कार्यों में सफलता हासिल होती है।
3. ॐ सूर्याय नमः
इसका जप आत्मविश्वास बढ़ाता है, निर्णय क्षमता को मजबूत करता है और मानसिक शक्ति में वृद्धि करता है।
इसका जप आत्मविश्वास बढ़ाता है, निर्णय क्षमता को मजबूत करता है और मानसिक शक्ति में वृद्धि करता है।
4. ॐ भानवे नमः
इस मंत्र का उच्चारण ज्ञान, विवेक और सही-गलत की पहचान की क्षमता को बढ़ाता है।
5. ॐ खगाय नमः
इसे स्मरण करने से विचारों में ऊँचाई आती है और समस्याओं पर विजय पाने की शक्ति मिलती है।
6. ॐ पूष्णे नमः
इस जप से स्वास्थ्य, समृद्धि और जीवन में आवश्यक साधनों की बढ़ोतरी होती है।
इस जप से स्वास्थ्य, समृद्धि और जीवन में आवश्यक साधनों की बढ़ोतरी होती है।
7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः
इस नाम का जप ध्यान और साधना में स्थिरता लाता है और आध्यात्मिक प्रगति को बढ़ावा देता है।
8. ॐ मरीचये नमः
इस मंत्र के प्रयोग से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
9. ॐ आदित्याय नमः
इस जप से परिवार की सुरक्षा होती है तथा घर में शांति और समृद्धि बनी रहती है।
इस जप से परिवार की सुरक्षा होती है तथा घर में शांति और समृद्धि बनी रहती है।
10. ॐ सवित्रे नमः
इस मंत्र का उच्चारण नई सोच और उत्साह को जन्म देता है।
11. ॐ अर्काय नमः
यह जप रोगों के नाश और शरीर में दिव्य चमक लाने में सहायक होता है।
यह जप रोगों के नाश और शरीर में दिव्य चमक लाने में सहायक होता है।
12. ॐ भास्कराय नमः
इसका स्मरण मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और सफलता प्राप्त करने में सहायक माना जाता है।

डिस्क्लेमर- इस लेख बताई गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी पुष्टि नहीं करता है।


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