जानिए, महाकुंभ 2025 में ‘अमृत स्नान’ का महत्व

Summary :

अमृत स्नान: सनातन संस्कृति का जीवंत प्रमाण

महाकुंभ 2025 के पहले ‘अमृत स्नान’ में करोड़ो भक्त उमड़े।

सुबह से महाकुंभ 2025 के पहले ‘अमृत स्नान’ के दौरान लगभग 2.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई है।

आज कई अखाड़ों के साधु पवित्र डुबकी लगाते हैं, इसलिए इसे अमृत स्नान कहा जाता है।

सीएम योगी ने इस पवित्र अवसर को भारत की सनातन संस्कृति और आस्था का जीवंत प्रमाण बताया। 

अमृत स्नान में सनातन धर्म के 13 अखाड़ों के साधु त्रिवेणी संगम पर लगाएंगे पवित्र डुबकी।

हर अखाड़ों के लिए एक घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

महाकुंभ में सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के साधु-संतो ने किया अमृत स्नान।

महानिर्वाणी अखाड़े के श्री शंभू पचांयती अटल अखाड़े ने भी किया अमृत स्नान।

बैरागी अखाड़े के साधु-संतो ने किया अमृत स्नान।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।