विश्व का ताकतवर देश अमेरिका चीन के खिलाफ अतिरिक्त शुल्क, प्रतिबंध और दमनकारी उपायों को शीघ्र ही रद्द कर देना चाहता है जिससे की दोनों पक्षों के बीच व्यापार सहयोग के विस्तार के लिए अनुकूल माहौल और परिस्थितियों का निर्माण किया जा सके, चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता काओ फंग ने 10 फरवरी को यह बात कही।
संवाददाता सम्मेलन
चीनी वाणिज्य मंत्रालय द्वारा उसी दिन आयोजित एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में प्रवक्ता काओ ने कहा कि चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक समझौते का पहला चरण दोनों देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद है। समझौता लागू होने के बाद से चीन ने महामारी के प्रभाव, वैश्विक आर्थिक मंदी और आपूर्ति श्रृंखला अवरुद्ध आदि के कारण होने वाले कई प्रतिकूल प्रभावों को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत की है, और समझौते के संयुक्त कार्यान्वयन को बढ़ावा दिया है। प्रवक्ता के मुताबिक, फिलहाल चीनी और अमेरिकी आर्थिक व व्यापारिक टीमों के बीच सामान्य संवाद कायम है।
विश्व व्यापार संगठन
जानकारी के मुताबिक, काओ फंग ने यह भी कहा कि साल 2001 में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भाग लेने के बाद से लेकर अब तक, चीन ने संगठन में शामिल होने की प्रतिबद्धता को गंभीरता से पूरा किया है, सब्सिडी और सब्सिडी-विरोधी उपायों पर डब्ल्यूटीओ समझौते में निर्धारित अपने सभी दायित्वों का पालन किया है, और समझौते के तहत निषिद्ध सब्सिडी को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। डब्ल्यूटीओ के नियमों द्वारा अनुमति दी जाने वाली अन्य सब्सिडी के लिए चीन की सब्सिडी का स्तर और तरीका डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुरूप है।
अर्थव्यवस्था की सफलता
प्रवक्ता काओ फंग ने कहा एक विचार है कि चीन की आर्थिक सफलता मुख्य रूप से सरकारी हस्तक्षेप के कारण है। हम उस दृष्टिकोण को अस्वीकार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 40 से ज्यादा वर्षों के तथ्यों से पता चलता है कि चीन की अर्थव्यवस्था की सफलता का राज सुधार और खुलेपन की नीति की सफलता है, साथ ही बाजार तंत्र की भूमिका और सरकार की भूमिका के प्रभावी संयोजन की सफलता है। चीन के सुधार और खुलेपन ने न केवल चीन के आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया है, बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था की समृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


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