भारत और उज्बेकिस्तान के बीच 2030 तक 5 बिलियन डॉलर व्यापार का लक्ष्य: विदेश सचिव

Summary :

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान दौरे पर देश के सबसे बड़े राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ फ्रेंडशिप ऑफ द हाईएस्ट डिग्री’ से सम्मानित किया गया। विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि इस दौरे में भारत को यूरेनियम की लंबी अवधि की सप्लाई पर सकारात्मक बातचीत हुई और दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार को 1 बिलियन से बढ़ाकर 5 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे को लेकर विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री कल शाम (शनिवार) ताशकंद पहुंचे और एयरपोर्ट…

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान दौरे पर देश के सबसे बड़े राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ फ्रेंडशिप ऑफ द हाईएस्ट डिग्री’ से सम्मानित किया गया। विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि इस दौरे में भारत को यूरेनियम की लंबी अवधि की सप्लाई पर सकारात्मक बातचीत हुई और दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार को 1 बिलियन से बढ़ाकर 5 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे को लेकर विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री कल शाम (शनिवार) ताशकंद पहुंचे और एयरपोर्ट पर उज्बेकिस्तान रिपब्लिक के राष्ट्रपति ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कल अपने प्रोग्राम के तहत, प्रधानमंत्री ने यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में इंडिपेंडेंस मॉन्यूमेंट पर फूल अर्पित किए। बाद में शाम को, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के लिए एक प्राइवेट डिनर आयोजित किया।”

उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने मीडिया को भी संबोधित किया और उनके बयान वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कई नई पहलों की घोषणा की। प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति द्वारा उज्बेकिस्तान गणराज्य के सबसे बड़े राजकीय सम्मान, ऑर्डर ऑफ फ्रेंडशिप ऑफ द हाईएस्ट डिग्री से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान उज्बेकिस्तान द्वारा भारत के साथ अपने संबंधों को दी जाने वाली अहमियत और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को दिखाता है।”

सिबी जॉर्ज ने कहा कि दोनों पक्ष साझेदारी के अलग-अलग पहलुओं पर फॉलो-अप करने और दिशा देने के लिए विदेश मंत्रियों के लेवल पर एक सिस्टम बनाने पर भी सहमत हुए। मैं बातचीत और नतीजों की कुछ जरूरी बातों पर जोर देना चाहूंगा। भारत को यूरेनियम की सप्लाई के लिए लंबे समय के इंतजाम पर सकारात्मक बातचीत हुई।

उन्होंने कहा कि व्यापार और आर्थिक सहयोग पर अभी दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, लेकिन दोनों नेताओं ने 2030 तक 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य रखा है। बातचीत मिनरल रिसोर्स, टेक्सटाइल, स्वास्थ्य सुविधा और फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में आर्थिक एंगेजमेंट बढ़ाने पर फोकस रही।

उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर, इस दौरे से भारत-उज्बेकिस्तान के संबंध को नई रफ्तार मिली है। शिक्षा, व्यापार और कॉमर्स, संस्कृति, पारंपरिक दवा, पर्यावरण, लोगों के बीच मेलजोल और बेशक, माइनिंग और यूरेनियम में अच्छे नतीजों के साथ-साथ, संबंधों को एक बड़ी रणनीतिक साझेदारी तक ले जाना, हमारे आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत ढांचा देता है।

–आईएएनएस

केके/डीएससी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.