PM Modi Bishkek Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो देशों की यात्रा के तहत उज्बेकिस्तान के बाद किर्गिस्तान पहुंच गए हैं। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक के हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान किर्गिज गणराज्य के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन और राष्ट्रपति प्रशासन के प्रमुख समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिश्केक में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन यानी SCO के सदस्य देशों के नेताओं के साथ कई द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। वह 1 सितंबर को आयोजित SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे।
SCO नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों पर नजर
SCO Summit Bishkek: बिश्केक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न SCO सदस्य देशों के नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग, व्यापार, सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
SCO को एशिया और यूरेशिया क्षेत्र के प्रमुख बहुपक्षीय संगठनों में शामिल किया जाता है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की शिखर सम्मेलन में भागीदारी भारत के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपने आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को लगातार मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि
किर्गिस्तान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में थे। यहां उन्होंने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व भी रहा, क्योंकि ताशकंद का भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से गहरा संबंध रहा है। विदेश मंत्रालय ने भी शास्त्री के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।
मंत्रालय के अनुसार, शास्त्री का जीवन सादगी, साहस और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान देश को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नेतृत्व प्रदान किया और भारतीय राजनीति में अपनी सादगीपूर्ण कार्यशैली के लिए विशेष पहचान बनाई।
ताशकंद घोषणा के बाद हुआ था शास्त्री का निधन
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का 11 जनवरी 1966 को तत्कालीन सोवियत संघ के ताशकंद में अचानक निधन हो गया था। उनका निधन 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से हुई ऐतिहासिक ताशकंद घोषणा पर हस्ताक्षर के कुछ घंटों बाद हुआ था।
ताशकंद घोषणा भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के बाद शांति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण समझौता थी। लाल बहादुर शास्त्री का निधन भारतीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शास्त्री स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करना भारत के पूर्व प्रधानमंत्री के योगदान और ताशकंद से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों को याद करने के रूप में देखा जा रहा है।
PM मोदी और मिर्जियोयेव ने साथ लगाया पेड़
ताशकंद यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति भवन के बगीचे में संयुक्त रूप से एक पेड़ भी लगाया।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यह पौधारोपण भारत की ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल और उज्बेकिस्तान के ‘यशिल माकोन’ यानी हरित अभियान के तहत किया गया।
मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं द्वारा संयुक्त रूप से पेड़ लगाया जाना पर्यावरण संरक्षण और एक अधिक हरित तथा टिकाऊ भविष्य के प्रति भारत और उज्बेकिस्तान की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत की ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का अभियान है। वहीं, उज्बेकिस्तान का ‘यशिल माकोन’ कार्यक्रम देश में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में चलाया जा रहा प्रयास है।
उज्बेकिस्तान के चौथे दौरे पर हैं PM मोदी
PM Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय दो देशों की यात्रा पर हैं। वह शनिवार को उज्बेकिस्तान पहुंचे थे। यह प्रधानमंत्री मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा बताया जा रहा है।
ताशकंद पहुंचने पर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को योग फेडरेशन द्वारा आयोजित एक योग कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंधों में योग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और प्रधानमंत्री की इस कार्यक्रम में भागीदारी को दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
उज्बेकिस्तान से किर्गिस्तान के लिए रवाना हुए मोदी
PM Modi Bishkek Visit: उज्बेकिस्तान में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को ताशकंद से किर्गिस्तान के लिए रवाना हुए। बिश्केक पहुंचने के साथ ही उनके दौरे का दूसरा चरण शुरू हो गया है।
अब सभी की नजर 01 सितंबर को होने वाले SCO के 26वें शिखर सम्मेलन पर रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी की सदस्य देशों के नेताओं के साथ होने वाली मुलाकातों और सम्मेलन में उनके संबोधन को भी अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री की उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान यात्रा से भारत के मध्य एशियाई देशों के साथ संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी और बहुपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर भारत की सक्रिय भूमिका को भी दर्शाता है।


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