भोपाल, 8 अगस्त (आईएएनएस)। भोपाल में ब्रिक्स सम्मेलन के आखिरी दिन (शनिवार) सदस्यीय देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई। भारत की अध्यक्षता में हो रही बैठक को संबोधित करते हुए भारत के संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस समूह के लिए भारत की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, “हम ये मानते हैं कि संस्कृति केवल बीते हुए कल का प्रतिबिंब नहीं होता बल्कि ये आने वाले कल यानी भविष्य का आधार है। भारत मानता है कि कल्चर एक जीवंत शक्ति है जो हमारे अस्तित्व का निर्माण करती है और रचनात्मकता के साथ इनोवेशन के लिए हमें प्रेरित करती है। इतना ही नहीं, ये सामाजिक सामंजस्य को बनाए रखने में मददगार साबित होती है। ये हमें सतत विकास के लिए शांति के साथ संवाद कायम करने के लिए प्रेरित करती है।
शेखावत ने पीएम मोदी के विजन का जिक्र करते हुए आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा निर्देश पर भारत थीम लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के साथ आगे बढ़ रहा है। इसका केंद्र में हुनरमंदों, समुदायों और खासकर युवाओं को आगे बढ़ने के लिए मंच प्रदान करना है। ज्ञान भारतम मिशन इसका सटीक उदाहरण है।
मंत्री ने आगे कहा कि भारत की समृद्ध सभ्यागत विरासत और सांस्कृतिक विविधता ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बैठक में ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के बीच सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालयों, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया।
मंत्री शेखावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर बताया, “भोपाल में ग्यारहवें ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें सदस्य और साझेदार देशों के संस्कृति मंत्री और प्रतिनिधिमंडल का शीर्ष नेतृत्व आया। इस दौरान मैंने बातचीत को बढ़ावा देने, लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने और देशों के बीच पुल बनाने में संस्कृति की अहमियत पर बल दिया।”
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा कि भारत की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक विविधता ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को गहरा करने और संस्कृति को हमारे साझा ग्लोबल जुड़ाव का एक मजबूत स्तंभ बनाने में मदद करता है।
शुक्रवार शाम भी रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन पलों को एक्स पोस्ट के जरिए साझा किया। बताया कि मध्य प्रदेश की शानदार लोक परंपराओं से लेकर बेलारूस, इंडोनेशिया और ब्राजील के कलाकारों की शानदार प्रस्तुति तक, इस शाम ने हमारी सांस्कृतिक विरासत की समृद्ध विविधता का जश्न मनाया। “सर्वे सुखिनो भवन्तु” से प्रेरित होकर, इस फेस्टिवल ने देशों और लोगों को करीब लाने में संस्कृति की ताकत को फिर से उजागर किया।
–आईएएनएस
केआर/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)



Download Android App
Download iOS App



