Bill Gates की बेटी फोएबे गेट्स की बढ़ीं मुश्किलें, हो सकती है 20 साल की जेल! जानें पूरा मामला

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Bill Gates Daughter Jail: बिल गेट्स की बेटी फोएबे गेट्स के स्टार्टअप Phia पर ‘कुकी स्टफिंग’ के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने बिना इस्तेमाल के भी बिक्री का क्रेडिट लिया। Phia ने गलत फीचर्स हटाने और प्रभावित ट्रांजैक्शन को ठीक करने की बात कही है। मामले की जांच जारी है।

Bill Gates Daughter Jail: Microsoft के को-फाउंडर बिल गेट्स की बेटी फोएबे गेट्स इन दिनों अपने स्टार्टअप को लेकर चर्चा में हैं। उनकी कंपनी Phia पर ऑनलाइन खरीदारी से जुड़े एक गंभीर आरोप लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पर ‘कुकी स्टफिंग’ के जरिए गलत तरीके से बिक्री का क्रेडिट लेने का आरोप है। इस मामले ने स्टार्टअप की कमाई और उसके काम करने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं इस मामले में अब ये चर्चा देखी जा रही है कि फोएबे गेट्स को जेल हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें  20 साल जेल हो सकती है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  फोएबे गेट्स ने हाल ही में Phia नाम से एक ब्राउजर एक्सटेंशन शुरू किया था। इस प्लेटफॉर्म का मकसद ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान कस्टमर्स को बेस्ट  डील और डिस्काउंट दिलाना है। यह एक्सटेंशन अलग-अलग ऑनलाइन रिटेलर्स के कूपन और डिस्काउंट कोड खोजकर यूजर को उपलब्ध कराता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Phia में करीब 3 करोड़ डॉलर यानी लगभग 250 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। कंपनी का बिजनेस मॉडल इस तरह काम करता है कि अगर उसके जरिए किसी कस्टमर्स  की खरीदारी पूरी होती है तो प्लेटफॉर्म को उस बिक्री पर कमीशन मिल सकता है।

क्या होता है ‘कुकी स्टफिंग’?

कुकी स्टफिंग को आसान भाषा में समझें तो यह ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम के गलत इस्तेमाल से जुड़ा मामला है। जब कोई कस्टमर्स  किसी शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करता है और किसी ब्राउजर एक्सटेंशन की मदद से कूपन या डिस्काउंट इस्तेमाल करता है, तो वेबसाइट एक छोटी ट्रैकिंग फाइल यानी कुकी सेव कर सकती है। इससे यह पता चलता है कि कस्टमर  को खरीदारी तक पहुंचाने में किस प्लेटफॉर्म ने मदद की।

लेकिन समस्या तब होती है जब किसी प्लेटफॉर्म की खरीदारी का इसमें कोई रोल न होने के बावजूद उसके नाम की कुकी डाल दी जाए। इससे सिस्टम को लगता है कि बिक्री उस प्लेटफॉर्म के जरिए हुई है और उसे कमीशन मिल जाता है। इसी तरीके को आम तौर पर ‘कुकी स्टफिंग’ कहा जाता है।

Phia पर क्या आरोप लगा?

एक रिपोर्ट के अनुसार, Phia के सिस्टम में कथित तौर पर ऐसी कुकीज तब भी डाली जा रही थीं, जब कस्टमर्स ने खरीदारी के दौरान Phia का इस्तेमाल नहीं किया था। रिपोर्ट में इंटरनल Slack मैसेज और मामले से जुड़े लोगों का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार, कंपनी के संस्थापकों को इस समस्या की जानकारी जुलाई में सामने आने से काफी पहले हो गई थी। दावा किया गया कि यह सिलसिला कम से कम दिसंबर से चल रहा था। इस दौरान Nike, Gap और Nordstrom जैसे बड़े रिटेलर्स से जुड़ी खरीदारी पर असर होने की बात सामने आई।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Phia की कमाई का एक बड़ा हिस्सा इसी तरीके से हासिल किए गए बिक्री क्रेडिट से जुड़ा था। जुलाई में कंपनी ने इन फीचर्स को बंद कर दिया। इसके बाद कंपनी की औसत डेली  कमाई में बड़ा अंतर देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार , यह कमाई पहले करीब 80 हजार डॉलर प्रतिदिन थी, जो फीचर हटाए जाने के बाद लगभग 10 हजार से 28 हजार डॉलर के बीच रह गई। जून में Phia ने जिस मर्चेंडाइज वैल्यू का क्रेडिट लिया था, उसमें करीब 51 % हिस्सा  कुकी स्टफिंग से जुड़ा बताया गया।

क्या फोएबे गेट्स को होगी 20 साल की जेल?

Phia के प्रवक्ता ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि गलत तरीके से रिपोर्टिंग करने वाले फीचर्स को 7 जुलाई को ही हटा दिया गया था। कंपनी का कहना है कि वह हर ट्रांजैक्शन की निगरानी कर रही है और जिन ब्रांड पार्टनर्स को नुकसान हुआ है, उन्हें ट्रांजैक्शन रिवर्सल देने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। कंपनी ने यह भी कहा है कि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए एक हेड ऑफ कंप्लायंस नियुक्त किया जा रहा है।

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा फोएबे गेट्स को कथित तौर पर 20 साल तक की जेल होने के दावे की है। हालांकि, केवल इन आरोपों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि फोएबे को 20 साल की जेल हो जाएगी। जांच के बाद ही किसी फैसले पर पहुंचा जा सकेगा।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।