नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आज दूसरा दिन है। आज ब्रिक्स का तीसरा सत्र आयोजित हो रहा है, जिसमें भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसके अलावा डॉ. जयशंकर सभी नेताओं के लिए डिनर भी होस्ट करेंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर की आज की द्विपक्षीय मीटिंग का शेड्यूल-
2.30 – 2.55 – मलेशिया के विदेश मंत्री
3.00 – 3.05 – संयुक्त अरब अमीरात के एमओएस
3.05 – 3.10 – बेलारूस के उपविदेशमंत्री
3.10 – 3.15 – सऊदी के उपमंत्री
3.15 – 3.20 – कजाकिस्तान उपविदेशमंत्री
3.20 – 3.25 – नाइजीरिया के स्थायी सचिव
3.25 – 3.30 – उज्बेकिस्तान उपविदेश मंत्री
3.30 – 3.35 – वियतनाम के उपविदेश मंत्री
3.45 – 4.10 – क्यूबा के विदेश मंत्री
4.15 – 4,40 – युगांडा के विदेश मंत्री
इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने समिट के उद्घाटन समारोह में सभी नेताओं को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की और संगठन के 20 वर्षों के सफर, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर चर्चा की।
एस. जयशंकर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए आज हम अपने सहयोग की प्रकृति और उसके भविष्य की दिशा पर चर्चा कर रहे हैं। साझेदार देशों की मौजूदगी ने हमारे सामूहिक प्रयासों को और मजबूत किया है तथा आपसी जुड़ाव को गहरा किया है। अपनी सामूहिक ताकत का इस्तेमाल करके हम ब्रिक्स को और अधिक मजबूत, प्रभावी और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप बना सकते हैं।
उन्होंने कहा, “समय के साथ ब्रिक्स का दायरा और महत्व दोनों बढ़े हैं। यह उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों की उस इच्छा को दर्शाता है, जिसमें वे अधिक संतुलित और समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था चाहते हैं। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार ब्रिक्स ने अपने एजेंडे और सदस्यता दोनों का विस्तार किया है, लेकिन इसका ध्यान हमेशा लोगों के विकास और व्यावहारिक सहयोग पर केंद्रित रहा है।”
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, “हमारी चार प्राथमिकताएं- मजबूती, नवाचार, सहयोग और स्थिरता- साझेदारी और भागीदारी के लिए एक व्यावहारिक ढांचा प्रस्तुत करती हैं।
“मजबूती: हम सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, बाजारों में विविधता लाने, शुरुआती चेतावनी प्रणाली में सुधार करने और जलवायु के अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर काम कर रहे हैं। सामाजिक कल्याण के लिए डिजिटल एकीकरण जैसी पहल लोगों की भलाई पर हमारे मजबूत फोकस को दर्शाती हैं।
नवाचार: ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क, साइंस एंड रिसर्च रिपॉजिटरी और यूथ स्टार्टअप प्लेटफॉर्म जैसी पहल नवाचार को बढ़ावा देने और नए अवसर पैदा करने का काम कर रही हैं।
सहयोग: ब्रिक्स एमएसएमई कनेक्ट पोर्टल, ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम तथा कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी जैसी पहल जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम देंगी।
स्थिरता: हमारा ध्यान जलवायु कार्रवाई, स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास के रास्तों पर केंद्रित है।”
–आईएएनएस
केके/एएस
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