VIDEO : प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ प्रदर्शन और तिरंगा फाड़ने पर ब्रिटेन ने मांगी माफी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रिटेन दौरे के दौरान तिरंगे का अपमान किया गया। विरोध की आड़ में देश के ध्वज का अपमान किया गया। इसी के साथ भारतीय मूल की एक महिला पत्रकार से इस मामले में बदसलूकी भी की गयी।

द्विपक्षीय और चोगम वार्ता के लिए लंदन आये प्रधानमंत्री मोदी ने जब अपनी ब्रिटिश समकक्ष टेरीजा मे से मुलाकात की तब वहां प्रदर्शनकारियों का विरोध प्रदर्शन जारी था. वहां ‘फ्लैग पोल’ पर लगा भारतीय तिरंगा फाड़े जाने के बाद पार्लियामेंट स्क्वायर पर कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे।

मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने एक बयान में कहा , ‘बुधवार, 18 अप्रैल को (ब्रिटिश समयानुसार) दोपहर तीन बजे पार्लियामेंट स्क्वायर में एक भारतीय झंडे को नीचे उतार लिए जाने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। उस झंडे की जगह दूसरा झंडा लगा दिया गया है। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच जारी है.।

ब्रिटेन के विदेश एवं राष्ट्रमंडल कार्यालय (एफसीओ) के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन पार्लियामेंट स्क्वायर में एक छोटे से समूह की ओर से उठाए गए कदम से हम निराश हैं और जैसे ही हमें इस बारे में बताया गया, हमने उच्चायुक्त यशवर्धन कुमार सिन्हा से संपर्क किया।’

गौरतलब है कि मोदी की यात्रा को कवर करने गयी महिला रिपोर्टर के सोशल मीडिया अक्कपूणत से ये वीडियो वायरल हुआ जिसमे उन्होंने तिरंगा फाड़ने वालों से कारण पूछा तो वे उनसे बदसलूकी करने लगे और उन पर चिल्लाने लगे। महिला रिपोर्टर के साथ इस दौरान वीडियो जर्नलिस्ट भी था, जिसने पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर लिया था। महिला ने बाद में इसी मामले से जुड़ी क्लिपिंग को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया, जिसके बाद अन्य यूजर्स ने भारतीय झंडे का अपमान करने वालों की कड़ी आलोचना की है।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार (16 अप्रैल) से यूरोप के पांच दिवसीय दौरे पर हैं। स्वीडन के बाद वह लंदन गए। यहां उनकी ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे से 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर मुलाकात हुई थी। 19 और 20 अप्रैल को वह कॉमनवेल्थ समिट में हिस्सा लेंगे।

टीवी पत्रकार हैं महिला पत्रकार हैं लवीना

लवीना जिन्होंने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया वो पेशे से टीवी पत्रकार हैं। वह लंदन में मोदी के कार्यक्रम के कवरेज के लिए पहुंची थीं। अचानक कुछ लोग उन्हें तिरंगे का अपमान करते दिखे। महिला रिपोर्टर ने उन लोगों के विरोध और तिरंगे के अपमान करने के पीछे की वजह जाननी चाही तो उन्ही के साथ बदसलूकी की गयी।

 

महिला रिपोर्टर का आरोप है कि तिरंगा फाड़ने वाले उन्हें धमकाने लगे। महिला के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई। हैरानी की बात है कि उस दौरान लंदन पुलिस के कर्मचारी भी वहां थे, लेकिन वह उन लोगों ने तिरंगा फाड़ने वालों को रोकने या पकड़ने के बजाय महिला और उनके साथ मौजूद लोगों को वहां से हटाते हुए शांत हो जाने के लिए कहा था।

लवीना ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “भारतीय झंडे को उतारा गया। फिर उसे फाड़ कर टुकड़े-टुकड़े कर दिया गयाष। मैंने जब तिरंगा फाड़ने वालों से कारण पूछा तो वे मुझे धमकाने लगे।” महिला रिपोर्टर ने इस ट्वीट में लंदन स्थित हाई कमीशन ऑफ इंडिया और नरेंद्र मोदी के टि्वटर अकाउंट को टैग किया है।

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Desk Team