फेसबुक ने स्थानीय डेवलपर्स और उद्यमियों को नवप्रवर्तन और विकास करने में मदद करने पर केंद्रित ‘नवाचार केंद्र’ बनाने के लिए चीन में एक सहायक कंपनी की स्थापना की है।
सीएनबीसी की रिपोर्ट में मंगलवार को देश के नेशनल एंटरप्राइजेज क्रेडिट इंर्फारमेशन पब्लिसिटी सिस्टम की फाइलिंग के हवाले से बताया गया कि फेसबुक द्वारा चीन में सहयोगी कंपनी बनाने के आवेदन को 18 जुलाई को मंजूर किया गया।
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फेसबुक के प्रवक्ता के हवाले से बताया गया, ‘हम चीनी डेवलपरों, इनोवेटरों और स्टार्ट-अप्स की मदद करने के लिए झेजियांग में एक इनोवेशन हब की स्थापना करने के इच्छुक हैं।’
मैशेबले की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सहयोगी कंपनी का पूर्ण स्वामित्व फेसबुक के पास होगा, इसका मतलब यह है कि मंजूरी के लिए इसे प्रसिद्ध चीनी सोशल मीडिया साइट्स वेइबो या वीचैट के साथ भागीदारी करने की जरूरत नहीं है।
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फेसबुक ने इसी प्रकार का हब कई अन्य देशों में भी बनाया है, जिसमें भारत, फ्रांस और ब्राजील शामिल है। चूंकि चीन विदेशी सोशल मीडिया साइटों और सर्च इंजन्स को सख्ती से सेंसर करता है, इसलिए देश में फेसबुक की वेबसाइट पर प्रतिबंध जारी है। इसके अलावा गूगल और ट्विटर की सामग्रियां भी देश में प्रतिबंधित है।
इन सख्त नियमों के कारण ही अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गज को विशाल चीनी बाजार में घुसने के नए तरीके तलाशने पड़ रहे हैं। गूगल में चीन में हजारों लोग काम करते हैं, जिसने हाल में ही देश में अपना कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) लैब लांच किया था।


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