इस्लामाबाद, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान की ओर से ताइवान की एयरलाइंस को अपने हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने से रोकने और कुछ ही घंटों बाद इस फैसले को वापस लेने का मामला चर्चा में है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर कूटनीतिक नीतियों, क्षेत्रीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय विमानन के बीच संबंधों को लेकर ध्यान आकर्षित किया है।
थाईलैंड स्थित बहुभाषी अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्र ‘पेज3न्यूज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसी सप्ताह पाकिस्तान ने दो ताइवानी एयरलाइंस को अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। बताया गया कि यह कदम चीन की ‘वन चाइना’ नीति के अनुरूप उठाया गया था। हालांकि, यह प्रतिबंध कुछ समय तक ही लागू रहा और इस्लामाबाद ने कुछ घंटों के भीतर ताइवानी विमानों के लिए ओवरफ्लाइट की अनुमति बहाल कर दी।
रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को सामने आए इस घटनाक्रम ने इसलिए भी ध्यान खींचा, क्योंकि पाकिस्तान पहला ऐसा देश बताया गया जिसने ताइवान की इन दो एयरलाइंस पर प्रतिबंध लगाने के बाद अपना फैसला वापस लिया।
इस मामले पर ताइवान ने चिंता जताई थी। ताइवान के उप विदेश मंत्री चेन मिंग-ची ने कहा था कि इस तरह का कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय को खतरनाक संदेश दे सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि पाकिस्तान के फैसले के पीछे चीन का प्रभाव हो सकता है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया।
‘ताइपे टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान की कार्यकारी परिषद की प्रवक्ता मिशेल ली ने कहा कि मंत्रिमंडल पाकिस्तान की ओर से ताइवानी एयरलाइंस के लिए हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद किए जाने पर गहरा खेद जताता है।
मिशेल ली ने मंत्रिमंडल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ताइवान पाकिस्तान के इस व्यवहार पर खेद जताता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने चीन के सामने झुकते हुए उड़ान सुरक्षा से समझौता किया, अंतरराष्ट्रीय नियमों और वास्तविकताओं की अनदेखी की, ताइवान की राष्ट्रीय संप्रभुता को कमजोर किया और हवाई क्षेत्र का राजनीतिक इस्तेमाल किया।
वहीं, पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डॉन’ ने देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हवाले से बताया कि उन्होंने ब्लूमबर्ग न्यूज को दिए बयान में कहा था कि इस्लामाबाद ने केवल चीनी एयरलाइंस को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति दी थी। ख्वाजा आसिफ ने कहा, “विमानन विभाग ‘वन चाइना’ नीति का पालन करता है। केवल मुख्य भूमि चीन को अनुमति है।”
रिपोर्ट में उड़ानों की निगरानी से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि 25 से 28 अक्टूबर के बीच ताइवानी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के मार्ग बदल दिए थे और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर नहीं गुजरी थीं। ‘डॉन’ के मुताबिक, ताइवानी एयरलाइंस चाइना एयरलाइंस लिमिटेड और ईवा एयरवेज कॉर्प को अब 28 अक्टूबर 2026 से 27 मार्च 2027 तक पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से उड़ान संचालित करने की अनुमति दे दी गई है।
इन दोनों एयरलाइंस ने 25 से 28 अक्टूबर के बीच एशिया और यूरोप के बीच कम से कम एक दर्जन उड़ानें संचालित की थीं। ये उड़ानें रूस के ऊपर से होकर गुजर रही थीं।
–आईएएनएस
डीएससी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



