France Heat Wave 2026 : जानिए फ्रांस में क्यों जानलेवा साबित हो रही है गर्मी? तापमान ने तोड़ा लगभग 150 साल पुराना रिकॉर्ड, 1000 अरितिक्त मौतें

Summary :

फ्रांस इस समय ‘हीट इमरजेंसी’ का सामना कर रहा है। फ्रांस की पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने रविवार को बताया कि पिछले हफ्ते रिकॉर्ड तोड़ने वाली भीषण गर्मी के दौरान देश में लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतें हुईं। वहीं, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख ने चेतावनी दी कि यूरोप अब सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन गया है। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जूझ रहा फ़्रांस राजधानी पेरिस सहित देश के कई हिस्सों में गर्मी ने पिछले 147 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस हफ्ते पेरिस में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले इतने दिन दर्ज किए गए हैं,…

फ्रांस इस समय ‘हीट इमरजेंसी’ का सामना कर रहा है। फ्रांस की पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने रविवार को बताया कि पिछले हफ्ते रिकॉर्ड तोड़ने वाली भीषण गर्मी के दौरान देश में लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतें हुईं। वहीं, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख ने चेतावनी दी कि यूरोप अब सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन गया है।

रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जूझ रहा फ़्रांस

France Weather Heatwave 2026
France Weather Heatwave 2026 (SOURCE : SOCIAL MEDIA)

राजधानी पेरिस सहित देश के कई हिस्सों में गर्मी ने पिछले 147 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस हफ्ते पेरिस में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले इतने दिन दर्ज किए गए हैं, जितने साल 1872 के बाद से कभी नहीं देखे गए। फ्रांस के पिस्सॉस में तो पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि पूरे देश का राष्ट्रीय औसत तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

आधे से ज्यादा फ्रांस में इस वक्त Red Heat Alert जारी है। इस जानलेवा मौसम के कारण अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि नदियों और झीलों में नहाने के दौरान डूबने के मामले भी तेजी से बढ़े हैं।

‘हीट डोम’ बना आफत

France Weather Heatwave 2026
France Weather Heatwave 2026 (SOURCE : SOCIAL MEDIA)

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फ्रांस में पड़ रही इस भीषण गर्मी के पीछे सबसे बड़ी वजह Heat Dome है। विज्ञान की भाषा में इसे ‘हाई-प्रेशर ब्लॉकिंग सिस्टम’ कहा जाता है। जब वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में एक मजबूत हाई प्रेशर जोन बनता है, तो वह एक बड़े ढक्कन की तरह काम करने लगता है। यह सिस्टम गर्म हवा को एक खास दायरे में कैद कर लेता है। यह गर्म हवा जब नीचे की तरफ दबती है, तो इसका घनत्व बढ़ता जाता है और यह और ज्यादा तपती चली जाती है। फ्रांस के ऊपर यह डोम पिछले कई दिनों से टिका हुआ है, जिससे तापमान हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है।

यूरोपीय देशों में परेशानी क्यों बनी गर्मी?

France Me Itni Garmi Kyu Pad Rahi Hai
France Me Itni Garmi Kyu Pad Rahi Hai (SOURCE : SOCIAL MEDIA)

भारत जैसे एशियाई देशों के मुकाबले इस बार यूरोप में गर्मी लोगों को बहुत ज्यादा तड़पा रही है। इसके पीछे कुछ कारण हैं:

  • घरों की खास बनावट: आपकी जानकारी के लिए बता दने यूरोपीय घर सर्दियों को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। इनकी मोटी दीवारें और ‘इन्सुलेशन’ सर्दियों में तो घर को गर्म रखते हैं, लेकिन गर्मियों में अंदर की तपिश को बाहर नहीं निकलने देते। यहां भारतीय घरों की तरह वेंटिलेशन भी कम होता है। घरों की बनावट एक बड़ा कारण है जिससे लोगों को रोज की दिक्कतें पैदा हो रही हैं।

  • एसी की भारी कमी: यूरोप के आम घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनिंग की खास जरूरत ज्यादा महसूस नहीं होती है। इसका चलन भी बहुत कम है। इस वजह से अचानक आई इस आपदा में लोगों के पास खुद को ठंडा रखने का कोई साधन नहीं है।

  • अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट: शहरों में बनी कंक्रीट की इमारतें और डामर की सड़कें दिनभर सूरज की गर्मी को सोखती हैं। नतीजा यह होता है कि रात के समय भी तापमान कम नहीं हो पाता।

  • उमस की दोहरी मार: तापमान बढ़ने के साथ हवा में उमस भी काफी ज्यादा है। उमस के कारण शरीर का पसीना सूख नहीं पाता, जिससे बॉडी का नेचुरल कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है और बेचैनी बढ़ जाती है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।