नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान में करीब 63 फीसदी आबादी (यानी लगभग 16.1 करोड़ लोग) स्वस्थ और पौष्टिक भोजन का न्यूनतम स्तर भी वहन करने में सक्षम नहीं हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, आवास, परिवहन और बिजली-पानी जैसे आवश्यक गैर-खाद्य खर्चों के बाद अधिकांश लोगों के पास अनाज, दाल, दूध, अंडे, फल, सब्जियां और अन्य पोषक खाद्य पदार्थ खरीदने के लिए पर्याप्त आय नहीं बचती।
द न्यूज पाकिस्तान में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में पाकिस्तान की लगभग दो-तिहाई आबादी न्यूनतम स्वस्थ आहार का खर्च उठाने में असमर्थ रही। दक्षिण एशिया में पौष्टिक खाद्य पदार्थों की सबसे कम कीमत होने के बावजूद, स्वस्थ भोजन की पहुंच के मामले में पाकिस्तान क्षेत्र में सबसे खराब स्थिति में है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर भूख की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2025 में दुनिया की 7.8 फीसदी आबादी भूख से प्रभावित रही, जबकि यह आंकड़ा 2024 में 8.1 फीसदी और 2022 में 8.6 फीसदी था।
हालांकि, पाकिस्तान में खाद्य वस्तुओं की महंगाई 2023 के उच्च स्तर से कम होने के बावजूद भोजन की वहनीयता अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि महंगाई की रफ्तार धीमी जरूर हुई है, लेकिन ऊंची महंगाई के कारण लोगों की क्रय शक्ति में आई भारी गिरावट की भरपाई अब तक नहीं हो सकी है।
रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई को समायोजित करने के बाद वास्तविक घरेलू आय में लगभग 13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, गरीबी दर 21.9 फीसदी से बढ़कर 28.9 फीसदी हो गई, जिससे अनुमानित 2.5 करोड़ अतिरिक्त लोग गरीबी रेखा के नीचे पहुंच गए।
इसका असर लोगों के खानपान पर भी साफ दिखाई दिया है। दो नवीनतम सर्वेक्षणों के बीच 14 प्रमुख खाद्य वस्तुओं में से 13 की प्रति व्यक्ति खपत में कमी दर्ज की गई। प्रति व्यक्ति मासिक चावल की खपत करीब 19 फीसदी, दालों की 26 फीसदी और दूध की 10 फीसदी घटी, जबकि मटन, बीफ और चिकन की संयुक्त खपत में लगभग 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
–आईएएनएस
डीएससी
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