काठमांडू, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या 177 हो गई है, जबकि 800 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
नेपाल पुलिस ने मृतकों की संख्या को लेकर अपडेट दिया। बताया कि गुरुवार सुबह 10 बजे तक 177 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस आपदा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
चीन के तिब्बती इलाके से शुरू हुई भीषण बाढ़, सीमा पार बहने वाली भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में तबाही मचाती हुई आगे बढ़ी।
ये शव भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के किनारे बसे कई जिलों से बरामद किए गए, जिनमें रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर शव नेपाल के दक्षिणी मैदानी इलाके चितवन से बरामद किए गए।
नेपाल की सरकार ने कहा कि गुरुवार सुबह से ही बचाव कार्य जारी है, क्योंकि बाढ़ के कारण रिहायशी इलाकों, पनबिजली परियोजनाओं, कस्टम ऑफिस और बिजली के बुनियादी ढांचे समेत कई जगहों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, 800 से ज्यादा लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि नेपाली सेना ने गुरुवार सुबह बचाव अभियान चलाया और बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक, टिमुरे से 95 नेपाली नागरिकों और 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, गुरुवार सुबह 11 बजे तक 826 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। इनमें से 579 पर्यटक थे, हालांकि अथॉरिटी ने यह साफ नहीं किया कि वे विदेशी पर्यटक थे, घरेलू पर्यटक थे या दोनों।
इसी तरह, रसुवा और नुवाकोट जिलों से नेपाली सेना के 48 जवान, नेपाल पुलिस के 28 जवान, आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) के 13 जवान और 162 अन्य लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था।
इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बताया कि प्रधानमंत्री शाह गुरुवार सुबह नुवाकोट जिले की बाढ़ प्रभावित बिदुर नगर पालिका आपदा ग्रस्त इलाकों का जायजा लेने पहुंचे।
दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर बाढ़ से हुए भौतिक नुकसान का आकलन करेंगे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ राहत, पुनर्वास और बाधित बुनियादी ढांचा सेवाओं को फिर से शुरू करने पर चर्चा करेंगे। पीएमओ ने कहा कि उनसे यह भी उम्मीद की जाती है कि वे सभी बाढ़ पीड़ित इलाकों में तेजी से राहत पहुंचाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में तेजी लाने के लिए जरूरी निर्देश जारी करेंगे।
–आईएएनएस
केआर/
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