पेंटागन ने साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल नेटवर्क को आधुनिक युद्ध का हथियार बताया

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वाशिंगटन, 25 मार्च (आईएएनएस)। पेंटागन ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल नेटवर्क को आज की युद्ध रणनीति का केंद्र बताया। पेंटागन ने सीनेटरों को बताया कि अमेरिका की सेना का पूरा डिजिटल सिस्टम, जैसे कम्युनिकेशन नेटवर्क, डेटा सिस्टम और साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर, अब एक हथियार प्रणाली बन चुका है। यह अमेरिकी सेना के भविष्य के युद्धों में लड़ने, फैसला करने और जीतने के लिए बहुत अहम है। अमेरिकी सीनेट सशस्त्र सेवा साइबर उपसमिति की बैठक में, रक्षा विभाग की प्रमुख सूचना अधिकारी कर्स्टन डेविस ने कहा कि अमेरिका सैन्य ऑपरेशनल बढ़त पाने के लिए अपने एंटरप्राइज आईटी और साइबर सिक्योरिटी सिस्टम में…

वाशिंगटन, 25 मार्च (आईएएनएस)। पेंटागन ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल नेटवर्क को आज की युद्ध रणनीति का केंद्र बताया। पेंटागन ने सीनेटरों को बताया कि अमेरिका की सेना का पूरा डिजिटल सिस्टम, जैसे कम्युनिकेशन नेटवर्क, डेटा सिस्टम और साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर, अब एक हथियार प्रणाली बन चुका है। यह अमेरिकी सेना के भविष्य के युद्धों में लड़ने, फैसला करने और जीतने के लिए बहुत अहम है।

अमेरिकी सीनेट सशस्त्र सेवा साइबर उपसमिति की बैठक में, रक्षा विभाग की प्रमुख सूचना अधिकारी कर्स्टन डेविस ने कहा कि अमेरिका सैन्य ऑपरेशनल बढ़त पाने के लिए अपने एंटरप्राइज आईटी और साइबर सिक्योरिटी सिस्टम में बड़े पैमाने पर बदलाव कर रही है।

डेविस ने कहा, “हमारा ध्यान आज और भविष्य के जटिल युद्धक्षेत्रों में डेटा पर बढ़त और निर्णय लेने में श्रेष्ठता हासिल करने पर है, वह भी उस गति और पैमाने पर, जिसके हमारे सैनिक हकदार हैं।”

वहीं, चेयरमैन माइक राउंड्स ने भी इस जरूरत पर जोर देते हुए आगाह किया कि पुराने सिस्टम और धीमी प्रक्रियाएं अब रणनीतिक खतरा बन चुकी हैं। उन्होंने कहा, “दुश्मन से ज्यादा तेजी से स्थिति को समझने, फैसला लेने और कार्रवाई करने की क्षमता ही आने वाले बड़े युद्ध के परिणाम को तय करेगी।”

डेविस ने नेटवर्क को मॉडर्नाइज करने, सॉफ्टवेयर डिलीवरी में तेजी लाने, साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने और एक स्किल्ड वर्कफोर्स बनाने के मकसद से चार-पिलर वाली ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति बताई।

पहले पिलर के तहत, उन्होंने कहा कि पेंटागन अपने कोर इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड कर रहा है, जिसमें अंडरसी केबल, फाइबर नेटवर्क और सैटेलाइट कम्युनिकेशन शामिल हैं। इसके साथ ही 5जी का इस्तेमाल बढ़ रहा है और डेटा सेंटर को मॉडर्न बना रहा है। उन्होंने कहा, “यह फाउंडेशन हर वॉरफाइटिंग सिस्टम और हमारे ग्लोबल इंस्टॉलेशन को सपोर्ट करता है।”

दूसरा पिलर पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम से दूर जाने पर फोकस करता है। डेविस ने कहा कि डिपार्टमेंट “धीमे पुराने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से मॉडर्न एजाइल डिलीवरी की ओर बढ़ रहा है” और फैसले लेने की स्पीड बढ़ाने के लिए डेटा आर्किटेक्चर को स्टैंडर्ड बनाने पर काम कर रहा है।

साइबर सिक्योरिटी को लेकर उन्होंने कहा कि पेंटागन “चेकलिस्ट ड्रिवन कंप्लायंस” से हटकर लगातार मॉनिटरिंग और ऑटोमेशन वाले ज्यादा डायनामिक, रिस्क-बेस्ड मॉडल की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हम काम बढ़ाने वाले पेपरवर्क के बजाय रिस्क कम करने पर ध्यान देंगे।”

लेफ्टिनेंट जनरल पॉल स्टैंटन अमेरिकी रक्षा सूचना प्रणाली एजेंसी और रक्षा विभाग साइबर रक्षा कमांड के प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि नेटवर्क को खुद एक वॉरफाइटिंग सिस्टम की तरह काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमें सही समय पर सही जगह पर सही डेटा पहुंचाना चाहिए, ताकि हमारे कमांडर हमारे दुश्मनों की तुलना में बेहतर और तेजी से फैसले ले सकें।”

स्टैंटन ने कहा कि मिलिट्री पहले से ही असल दुनिया के तनाव वाले हालात में काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम जंग में हैं और अभी ऑपरेशन एपिक फ्यूरी चला रहे हैं।” उन्होंने बताया कि टीमें कैसे रियल टाइम में नेटवर्क पर निगरानी रखती हैं, ट्रैफिक को रीरूट करती हैं, और सिस्टम में रुकावट आने पर तेजी से नए समाधान लागू करती हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सिस्टम में अतिरिक्त विकल्प बनाए गए हैं ताकि उसकी मजबूती सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा, “जब हम युद्ध में उतरते हैं, तो हम किसी एक ही क्षमता पर निर्भर नहीं रहते।” उन्होंने यह भी बताया कि पेंटागन जमीनी, समुद्र के नीचे और सैटेलाइट आधारित संचार के मिश्रण पर निर्भर करता है।

सांसदों ने पेंटागन के पुराने होते इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ते टेक्निकल कर्ज को लेकर चिंता जताई। राउंड्स ने कहा कि सालों से कम निवेश की वजह से “बहुत ज्यादा तकनीकी कर्ज की समस्या” पैदा हो गई है, जिसका दुश्मन फायदा उठा रहे हैं।

डेविस ने चुनौती को माना और कहा कि इस बड़े बदलाव का मकसद “टेक्निकल कर्ज कम करना” और कमियों को खत्म करना है, साथ ही मॉडर्नाइजेशन को तेज करना है।

सुनवाई में सप्लाई चेन रिस्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर तनाव भी सामने आया। सीनेटर जैक रीड ने डिपार्टमेंट पर एंथ्रोपिक को सप्लाई चेन रिस्क बताने और 180 दिनों के अंदर डीओडब्ल्यू सिस्टम से इसे हटाने का आदेश देने के उसके फैसले पर दबाव डाला।

डेविस ने कहा कि मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है, इसलिए उन्होंने खुले सत्र में ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने यह पुष्टि की कि ट्रांजिशन अवधि के दौरान सिस्टम का उपयोग जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पेंटागन ने लचीलापन बनाए रखने के लिए अपना डेटा आर्किटेक्चर इस तरह तैयार किया है कि वह कई एआई सिस्टम्स के साथ काम कर सके।

कानून बनाने वालों ने सॉफ्टवेयर अप्रूवल प्रक्रिया और क्लाउड कंप्यूटिंग में सुधार के लिए भी जोर दिया। डेविस ने कहा कि विभाग अपने “ऑपरेट करने के अधिकार” फ्रेमवर्क को आसान बनाने और विजिबिलिटी और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए अपनी संयुक्त वॉरफाइटिंग क्लाउड कैपेबिलिटी को एक ज्यादा इंटीग्रेटेड मार्केटप्लेस में बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।

पेंटागन के लिए, यह बदलाव युद्ध लड़ने के तरीके में एक बड़े बदलाव को दिखाता है। सैन्य लीडर नेटवर्क, डेटा और सॉफ्टवेयर को ज्यादा से ज्यादा अहम टूल के तौर पर देख रहे हैं जो युद्ध के मैदान में सेंसर, कमांडर और हथियारों को जोड़ते हैं।

अधिकारियों ने चेतावनी दी कि मॉडर्नाइजेशन में देरी से उन दुश्मनों को फायदा हो सकता है जो पहले से ही अमेरिकी सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठा रहे हैं।

–आईएएनएस

केके/एएस

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