भारत दौरे के बीच मार्को रुबियो की रूस से अहम बातचीत, यूक्रेन और ईरान पर चर्चा

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वाशिंगटन, 26 मई (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में तनावपूर्ण हालात के बीच एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध, आपसी संबंधों और ईरान की स्थिति पर चर्चा की। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, यह बातचीत लावरोव के अनुरोध पर हुई। रुबियो इस समय चार दिन के भारत दौरे पर हैं। वह नई दिल्ली में होने वाली क्‍वाड बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं। इस बैठक में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री भी शामिल होंगे। इसकी मेजबानी भारत के…

वाशिंगटन, 26 मई (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में तनावपूर्ण हालात के बीच एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध, आपसी संबंधों और ईरान की स्थिति पर चर्चा की।

अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, यह बातचीत लावरोव के अनुरोध पर हुई। रुबियो इस समय चार दिन के भारत दौरे पर हैं। वह नई दिल्ली में होने वाली क्‍वाड बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं। इस बैठक में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री भी शामिल होंगे। इसकी मेजबानी भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर रहे हैं।

विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आज रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से उनके अनुरोध पर बात की।”

उन्होंने आगे बताया, “दोनों पक्षों ने रूस-यूक्रेन युद्ध, आपसी रिश्तों और ईरान की स्थिति पर अपने विचार साझा किए।”

यह छोटी-सी बातचीत इस बात का संकेत भी मानी जा रही है कि यूक्रेन युद्ध के बाद रिश्तों में तनाव होने के बावजूद वॉशिंगटन और मॉस्को के बीच बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हुए हैं।

रुबियो, जो ट्रंप प्रशासन में विदेश मंत्री हैं, पिछले कुछ हफ्तों से कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार कूटनीतिक बातचीत कर रहे हैं। लावरोव से उनकी यह ताजा बातचीत ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर में यूक्रेन युद्ध की दिशा और यूरोप और मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति को लेकर नए सिरे से चर्चा हो रही है।

हालांकि, विदेश विभाग की ओर से जारी बयान में यह नहीं बताया गया कि दोनों नेताओं के बीच प्रतिबंधों, सैन्य सहायता, युद्धविराम के प्रस्तावों या यूक्रेन और ईरान से जुड़े किसी संभावित समझौते पर चर्चा हुई या नहीं।

ट्रंप प्रशासन पहले भी कह चुका है कि वह बातचीत के जरिए रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करना चाहता है। साथ ही, अमेरिका ईरान के क्षेत्रीय रुख और उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाए हुए है।

फरवरी 2022 में शुरू हुआ यूक्रेन युद्ध दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा असर डाल चुका है। इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है, खासकर ऊर्जा और खाद्य बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

–आईएएनएस

एवाई/एएस

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