सोल, 8 नवंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया में लगातार घटती जन्मदर का असर अब शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। देश में 2027 शैक्षणिक सत्र के दौरान प्राथमिक स्कूलों में पहली कक्षा में दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या पहली बार 3 लाख से नीचे रहने का अनुमान है।
यह गिरावट देश में कम जन्मदर और तेजी से बदलती जनसांख्यिकी को लेकर बढ़ती चिंताओं को रेखांकित करती है।
कोरियाई सांख्यिकी सूचना सेवा (केओएसआईएस) और कोरियाई शैक्षिक विकास संस्थान (केईडीआई) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में जन्मे बच्चों के 2027 में प्राथमिक स्कूल में दाखिला लेने की संख्या 3 लाख से कम रहने की संभावना है। खास बात यह है कि देश में प्राथमिक स्कूलों में नए दाखिलों की संख्या 4 लाख से नीचे आने के महज तीन साल बाद यह आंकड़ा अब 3 लाख से भी नीचे पहुंचने जा रहा है।
दक्षिण कोरिया के डेटा एवं सांख्यिकी मंत्रालय के मुताबिक, 2020 में देश में 2,72,337 बच्चों का जन्म हुआ था, जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत कम था।
इस साल प्राथमिक स्कूलों में पहली कक्षा में कुल 3,01,442 बच्चों ने दाखिला लिया। यह संख्या 3 लाख के आंकड़े से थोड़ी ही अधिक रही और 1964 में संबंधित आंकड़ों का संकलन शुरू होने के बाद सबसे कम दर्ज की गई।
अगले साल यह संख्या घटकर लगभग 3 लाख से नीचे रह सकती है, जो 1968 में दर्ज 10.5 लाख नए दाखिलों के मुकाबले करीब एक-चौथाई होगी।
स्कूली उम्र की आबादी में इस गिरावट ने खासकर ग्रामीण इलाकों में स्कूलों के बंद होने की आशंका बढ़ा दी है। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के बीच शिक्षा संबंधी असमानता बढ़ने की चिंता भी सामने आई है।
अनुमानों के मुताबिक, प्राथमिक स्कूलों में नए दाखिले 2030 तक घटते रहेंगे। हालांकि, वर्ष 2024 में जन्मदर में सुधार के बाद इनके 2 लाख से ऊपर बने रहने की उम्मीद है।
दक्षिण कोरिया में 2024 में 2,38,317 बच्चों का जन्म हुआ, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 2,54,341 हो गई। लगातार कई वर्षों की गिरावट के बाद जन्म के आंकड़ों में आई यह बढ़ोतरी कुछ राहत का संकेत है, लेकिन इसका असर स्कूलों में दाखिले पर आने में अभी समय लगेगा।
इस बीच, दक्षिण कोरिया में बहुसांस्कृतिक विवाहों की संख्या में भी 2025 के दौरान मामूली गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल ऐसे 21,399 विवाह हुए, जो 2024 के 21,450 विवाहों से 0.2 प्रतिशत यानी 51 कम हैं। कुल विवाहों में बहुसांस्कृतिक विवाहों की हिस्सेदारी 8.9 प्रतिशत रही।
इन विवाहों में विदेशी पत्नियों वाले विवाहों की हिस्सेदारी 71.4 प्रतिशत रही। विदेशी पति वाले विवाह 18.9 प्रतिशत और नागरिकता हासिल कर चुके लोगों से जुड़े विवाह 9.7 प्रतिशत रहे।
पहली शादी के समय पतियों की औसत आयु 37.1 वर्ष और पत्नियों की 29.7 वर्ष रही। 75.2 प्रतिशत बहुसांस्कृतिक विवाहों में पति की उम्र पत्नी से अधिक थी। वहीं, 36.1 प्रतिशत विवाहों में पति और पत्नी की उम्र का अंतर कम से कम 10 वर्ष था।
बहुसांस्कृतिक विवाहों में वियतनामी पत्नियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक 25.3 प्रतिशत रही। इसके बाद चीनी पत्नियों की हिस्सेदारी 15.1 प्रतिशत और थाई पत्नियों की 9.2 प्रतिशत रही। विदेशी पतियों में अमेरिकी नागरिकों की हिस्सेदारी 6.8 प्रतिशत, चीनी नागरिकों की 5.6 प्रतिशत और वियतनामी नागरिकों की 3.6 प्रतिशत रही।
आंकड़ों के अनुसार, बहुसांस्कृतिक दंपतियों के बीच तलाक की संख्या 2025 में सालाना आधार पर 1.4 प्रतिशत बढ़कर 8,104 हो गई। वहीं, ऐसे परिवारों में जन्मे बच्चों की संख्या 0.5 प्रतिशत घटकर 13,347 रही।
–आईएएनएस
केआर/
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