वॉशिंगटन, 12 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने विदेश विभाग से छात्र और एक्सचेंज विजिटर वीजा में हो रही देरी को दूर करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो आवेदक नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले देश में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
सीनेट की ज्यूडिशियरी इमिग्रेशन सब-कमेटी में सबसे वरिष्ठ डेमोक्रेट कैलिफोर्निया के सीनेटर एलेक्स पैडिला ने कुछ अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में एफ, एम और जे वीज़ा के लिए समय पर अपॉइंटमेंट न मिलने को लेकर चिंता जताने वाले सांसदों का नेतृत्व किया।
सीनेटरों ने सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो को लिखे पत्र में कहा, “हम विदेश विभाग से आग्रह करते हैं कि वह एफ, एम और जे छात्र और एक्सचेंज विजिटर नॉन-इमिग्रेंट वीजा की समय पर प्रोसेसिंग सुनिश्चित करे, जैसा कि अतीत में दोनों पार्टियों के प्रशासन ने किया है। अमेरिका की प्रतिस्पर्धात्मकता को कम होने से बचाने के लिए अन्य उपाय भी लागू करे।”
पत्र में लिखा है, “खास तौर पर, हमें अपने क्षेत्र के लोगों और संबंधित पक्षों से पता चला है कि कुछ दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में छात्रों के लिए समय पर वीजा अपॉइंटमेंट उपलब्ध नहीं हैं। इससे यह अनिश्चितता और बढ़ जाती है कि क्या छात्रों के वीजा की प्रोसेसिंग समय पर हो पाएगी ताकि वे अपनी पढ़ाई शुरू करने के लिए अमेरिका जा सकें।”
इस चेतावनी का असर भारत से आने वाले उन छात्रों पर पड़ सकता है, जो अमेरिकी यूनिवर्सिटीज़ में विदेशी छात्रों की सबसे बड़ी संख्या में से एक हैं। पत्र में उन देशों या डिप्लोमैटिक पोस्ट का जिक्र नहीं किया गया है, जहां अपॉइंटमेंट की कमी है।
लॉमेकर्स ने कहा कि देरी से यूनिवर्सिटीज और स्किल्ड वर्कर्स की सप्लाई पर बुरा असर पड़ सकता है, खासकर तब जब एकेडमिक संस्थानों को सेमेस्टर शुरू करने के लिए विदेशी टैलेंट की जरूरत होती है।
उन्होंने स्टेट डिपार्टमेंट से कहा कि वे स्टूडेंट वीजा के इंटरव्यू, फैसले और प्रोसेसिंग को प्राथमिकता दें। उन्होंने पहले से जांचे-परखे और वापस आने वाले छात्रों के लिए इंटरव्यू में छूट बढ़ाने, कॉन्स्युलर स्टाफ की संख्या बढ़ाने और प्रोसेसिंग में लगने वाले समय के बारे में अधिक पारदर्शिता लाने की भी मांग की।
इसके अलावा, सीनेटरों ने डिपार्टमेंट से यह बताने को कहा कि क्या 2025 के स्प्रिंग और समर के बाद से उनकी वीजा प्राथमिकताएं बदली हैं।
इस पत्र में उन्होंने इस बारे में जानकारी मांगी कि इंटरव्यू के लिए अपॉइंटमेंट कैसे दिए जाते हैं और डिपार्टमेंट की प्राथमिकताओं में स्टूडेंट और एक्सचेंज विजिटर वीजा किस जगह पर आते हैं।
पत्र में डिपार्टमेंट से कहा गया है कि वे उन पांच जगहों पर एफ, एम और रे वीजा के लिए प्रोसेसिंग में लगने वाले औसत समय की जानकारी दें, जहां सितंबर 2025 से ऐसे सबसे ज़्यादा आवेदन प्रोसेस किए जा रहे हैं।
सीनेटरों ने पिछले साल स्टूडेंट और एक्सचेंज विज़िटर आवेदकों के लिए शुरू की गई ज़्यादा कड़ी जांच-पड़ताल (जिसमें ऑनलाइन मौजूदगी की जांच भी शामिल है) के बारे में भी जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि इन प्रक्रियाओं के तहत कितने आवेदन अस्वीकार किए गए और अतिरिक्त जांच-पड़ताल के लिए क्या संसाधन दिए गए।
सीनेटरों ने लिखा, “अंतरराष्ट्रीय छात्र हमारे विश्वविद्यालयों की सफलता के लिए बहुत जरूरी हैं। वे स्थानीय समुदायों में हर साल लगभग 43 अरब डॉलर का योगदान देते हैं और 2024-2025 एकेडमिक ईयर के दौरान 3,55,000 से ज़्यादा अमेरिकी नौकरियों को सहारा देते हैं।”
सीनेटरों कहा, “इंटरनेशनल स्टूडेंट्स ग्लोबल रिश्ते, अलग-अलग संस्कृतियों की समझ और लंबे समय तक चलने वाले डिप्लोमैटिक संबंध बनाकर हमारी नेशनल सिक्योरिटी को भी बेहतर बनाते हैं। अगर वीजा प्रोसेस में देरी होती रही, तो इन फायदों पर खतरा मंडरा सकता है।”
सीनेटरों ने कहा कि इंटरनेशनल स्टूडेंट्स अमेरिका में हायर एजुकेशन लेने वाले लोगों का सिर्फ 6 प्रतिशत हिस्सा हैं, लेकिन वे इतनी ट्यूशन फीस देते हैं, जिससे यूनिवर्सिटीज को अमेरिकी स्टूडेंट्स के लिए मौके बढ़ाने में मदद मिलती है।
इस पत्र पर सीनेट डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन और कोरी बुकर, क्रिस कून्स, टैमी डकवर्थ, एंडी किम, एमी क्लोबुचर, एडम शिफ़, जीन शाहीन, क्रिस वैन होलेन, राफेल वार्नॉक, एलिज़ाबेथ वॉरेन और रॉन वाइडेन जैसे सीनेटरों ने साइन किए। इंडिपेंडेंट सीनेटर एंगस किंग ने भी इस पर साइन किए हैं।
–आईएएनएस
ओपी/पीएम
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