तालिबान की कैद से छूटे पत्रकारों का छलका दर्द – मारपीट, बेइज्जती के बाद जमीन पर रगड़वाई नाक

Summary :

चश्मदीदों और अफगान मीडिया ने ताजा जानकारी देते हुए बताया कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार को रैली को तितर-बितर करने के लिए तालिबान लड़ाकों ने गोलीबारी की और प्रदर्शन को कवर कर रहे कई अफगान पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया।

चश्मदीदों और अफगान मीडिया ने ताजा जानकारी देते हुए बताया कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार को रैली को तितर-बितर करने के लिए तालिबान लड़ाकों ने गोलीबारी की और प्रदर्शन को कवर कर रहे कई अफगान पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया। 
काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के सामने पाकिस्तान के आंतरिक मामले में पाकिस्तान के कथित हस्तक्षेप के खिलाफ प्रदर्शन हुआ, खासतौर पर इस्लामाबाद द्वारा पंजशीर में तालिबान विरोधी लड़ाकों के खिलाफ तालिबान की कथित मदद के विरोध में । 
सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए गए हैं जिनमें पत्रकारों को रिहा करने की मांग की गई है। जिन पत्रकारों को हिरासत में लिया गया था और बाद में रिहा किया गया उनमें से एक अफगान पत्रकार ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि उसे तालिबान ने सजा दी। 
सुरक्षा कारणों से पहचान गोपनीय रखते हुए पत्रकार ने बताया, ‘‘उन्होंने (तालिबान ने) मुझे जमीन पर नाक रगड़ने और प्रदर्शन को कवर करने के लिए माफी मांगने पर मजबूर किया।’’ उन्होंने बताया, ‘‘अफगानिस्तान में पत्रकारिता करना कठिन होता जा रहा है।’’ अफगानिस्तान के टोलो न्यूज चैनल ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में उनका कैमरामैन वाहिद अहमदी भी शामिल हैं। 
गौरतलब है कि पिछले महीने काबुल पर कब्जे के बाद से खबरे आ रही हैं कि तालिबान पत्रकारों की पिटाई कर रहा है और उन्हें धमकी दे रहा है। एक मामले में जर्मन प्रसारक डॉयचे वेले ने बताया कि तालिबानी लड़ाकों ने उसके एक पत्रकार को पकड़ने के लिए घर-घर जाकर तलाशी ली और उसके परिवार के सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल है। 

Ujjwal Jain