नैंसी के दौरे के बाद चीन और ताइवान के बीच तनाव बढ़ता ही चला जा रहा है। इस बीच अब जापान की भी एंट्री हो गई है। चीन की मिसाइल ताइवान भेजी थी और जापान में जाकर गिरी, इसलिए जापान भी अब चीन को खतरे के तौर पर देख रहा है। इसी बीच चौंकाने वाली बात ये है कि नेपाल के विदेश मंत्री नारायण खड़का 9 अगस्त को चीन के साथ रिश्तों में विस्तार करने के लिए चीन के दौरे पर जाएंगे।
दरअसल, चीन एक ऐसा देश है जो अपनी जुबान पर कुछ ही समय तक बना रहता है और वक्त आने पर हर कूट नीति का सहारा लेकर जीतने की कोशिश करता है। चीन के रिश्ते एकदम कच्चे धागे की तरह हैं, जो कभी भी टूट सकते हैं। ऐसे में नेपाल के विदेश मंत्री की चीन यात्रा खूब सुर्खियां बटोर रही है।
बहुत महत्वपूर्ण है खड़का की यह यात्रा
देश में पिछले साल जुलाई में शेर बहादुर देउबा सरकार के गठन के बाद पड़ोसी देश की यह पहली उच्च स्तरीय आधिकारिक यात्रा है। मंत्रालय ने बताया कि खड़का द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करने के लिए मंगलवार को चीन की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। चीन की महत्वाकांक्षी ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई) के तहत अंतर-हिमालयी सम्पर्क परियोजनाओं सहित विभिन्न बुनियादी ढांचा उपक्रमों के माध्यम से चीन के नेपाल में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के मद्देनजर खड़का की यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है।
11 अगस्त को काठमांडू लौटेंगे खड़का
विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री यांग यी के निमंत्रण पर खड़का नौ से 11 अगस्त के बीच चीन की यात्रा करेंगे। बयान के अनुसार, ‘‘ दोनों मंत्री 10 अगस्त को चीन के किंगदाओ में अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।’’ किंगदाओ पूर्वी चीन के शेदोंग प्रांत का एक प्रमुख बंदरगाह शहर है। बयान के अनुसार, खड़का 11 अगस्त को काठमांडू लौटेंगे।


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