सम्पूर्ण विश्व इस वक्त कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है तो वहीं उत्तर कोरिया ने परमाणु मारक क्षमता और परमाणु युद्ध निरोध को बढ़ावा देने के लिए एक नई नीति प्रस्तुत की है। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के नेतृत्व में केंद्रीय सैन्य आयोग की यह बैठक हुई। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने यह जानकारी दी।
समाचार एजेंसी के मुताबिक, सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग की बैठक में महत्वपूर्ण सैन्य क्षमता और सशस्त्र बलों के विकास के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक उपायों को लेकर चर्चा हुई। साथ ही कोरियाई पीपुल्स आर्मी के तोपखानों की टुकड़ियो की मारक क्षमता में वृद्धि को लेकर चर्चा हुई।
डब्ल्यूपीके की केंद्रीय समिति के केंद्रीय सैन्य आयोग की यह पहली बैठक है जिसमें एक मई के बाद किम जोंग उन पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं। इससे पहले वह सुनचोन शहर में फॉस्फेटिक उर्वरक के कारखाने के उद्घाटन के अवसर पर नजर आए थे। दरअसल, डब्ल्यूपीके उत्तर कोरिया की संस्थापक एवं सत्ताधारी पार्टी है। इस बैठक में सेना के संगठनात्मक मुद्दों पर प्रमुख रूप से विचार विमर्श किया गया।
किम जोंग उन ने सैन्य कमान प्रणाली में सुधार के लिए एक सरकारी आदेश (डिक्री) पर हस्ताक्षर भी किए। केसीएनए के मुताबिक बैठक में परमाणु युद्ध निरोध को बढ़ने के अलावा रणनीतिक सशस्त्र बलों को मजबूत बनाने की नयी नीतियां प्रस्तुत की गयीं।
उत्तर कोरियाई नेता ने जिस डिक्री पर हस्ताक्षर किए उसके मुताबिक, ‘‘मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर कोरियाई गणराज्य की सशस्त्र सेनाओं को डब्ल्यूपीके के क्रांतिकारी विचारों और नीतियों के अनुरूप अपनी क्षमता को बढ़ने का ऐतिहासिक कार्य करना होगा जिससे पार्टी, क्रांति, देश और उसके नागरिकों के अलावा समाजवाद के सिद्धांत की रक्षा की जा सके।’’
केसीएनए के अनुसार यह डिक्री 23 मई को जारी की गई लेकिन यह सैन्य बैठक कब हुई इसकी कोई जानकारी मौजूद नहीं है। गौरतलब है कि किम जोंग के स्वास्थ्य को लेकर भी कई प्रकार की अफवाहें उड़ रही हैं।


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