Supermarket Freezer Hacking: यूरोप के सुपरमार्केट में अब खाने-पीने के सामान पर भी साइबर हमले का खतरा मंडराने लगा है। यहां हैकर्स ने दुकानों में लगे फ्रिज और फ्रीजर का तापमान बदल दिया, जिससे दूध, मीट और दूसरी चीजें खराब हो गईं। इस घटना ने स्मार्ट उपकरणों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर इंटरनेट से जुड़े फ्रिज को हैकर्स कैसे अपने निशाने पर ले रहे हैं और क्या भारत के सुपरमार्केट भी इस खतरे से सुरक्षित हैं? आइए जानते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्वीडन, बेल्जियम, लक्जमबर्ग और आयरलैंड समेत यूरोप के कई देशों में सुपरमार्केट के कूलिंग सिस्टम पर साइबर हमला हुआ है। इस दौरान हैकर्स ने फ्रिज और फ्रीजर की सेटिंग्स में बदलाव कर दिया, जिससे उनका तापमान नॉर्मल से काफी ज्यादा हो गया।
कुछ जगहों पर फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके कारण फ्रिज में रखा दूध, मीट और दूसरी खाने-पीने की चीजें खराब हो गईं। कई सुपरमार्केट को खराब सामान फेंकना पड़ा, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ। इस घटना से स्वीडन की ICA और Coop जैसी सुपरमार्केट चेन के स्टोर प्रभावित हुए। वहीं, बेल्जियम में Carrefour और IKEA के कुछ स्टोर में भी कूलिंग सिस्टम से जुड़ी परेशानी सामने आई।
इंटरनेट से जुड़े फ्रिज को कैसे किया गया हैक?
- आजकल बड़े सुपरमार्केट में मॉडर्न कूलिंग सिस्टम लगाए जाते हैं। इन सिस्टम को इंटरनेट के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। इसकी मदद से स्टोर के कर्मचारी और टेक्नीशियन दूर बैठकर भी फ्रिज का तापमान देख सकते हैं और जरूरत के अनुसार उसमें बदलाव कर सकते हैं।
- लेकिन यही सुविधा साइबर हमले का रास्ता भी बन सकती है। अगर किसी हैकर को इन सिस्टम तक पहुंच मिल जाती है, तो वह फ्रिज का तापमान बदल सकता है, कूलिंग बंद कर सकता है या डीफ्रॉस्ट मोड चालू कर सकता है।
- पुराने सॉफ्टवेयर और कमजोर सुरक्षा वाले सिस्टम में इस तरह का खतरा ज्यादा हो सकता है। ऐसे में इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा को नजरअंदाज करना कंपनियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
क्या भारत के सुपरमार्केट भी हो सकते हैं शिकार?
- भारत में फिलहाल सुपरमार्केट के फ्रिज को हैक करके सामान खराब करने का ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, देश में भी बड़े सुपरमार्केट और रिटेल चेन मॉडर्न कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं।
- इन सिस्टम को इंटरनेट के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। ऐसे में अगर उनकी सुरक्षा में कोई कमी रह जाती है, तो साइबर अपराधी उन्हें निशाना बना सकते हैं।
- इस तरह के हमलों से बचने के लिए कंपनियों को अपने सिस्टम का सॉफ्टवेयर समय-समय पर अपडेट करना चाहिए। इसके अलावा मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करना और रिमोट एक्सेस को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
स्मार्ट फ्रिज की सुरक्षा क्यों है जरूरी?
यूरोप की यह घटना बताती है कि साइबर हमलों का खतरा अब केवल मोबाइल, कंप्यूटर और वेबसाइट तक सीमित नहीं है। इंटरनेट से जुड़े फ्रिज, फ्रीजर और दूसरे उपकरण भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
सुपरमार्केट में कूलिंग सिस्टम की सुरक्षा बेहद जरूरी है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी गड़बड़ी भी बड़ी मात्रा में खाने-पीने का सामान खराब कर सकती है।
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