यूएनडीपी के प्रशासक के साथ विशेष साक्षात्कार

Summary :

बीजिंग, 7 नवंबर (आईएएनएस)। हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के प्रशासक अलेक्जेंडर डे क्रू ने चाइना मीडिया ग्रुप(सीएमजी) को विशेष साक्षात्कार दिया, जिसमें उन्होंने चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात मेला (सीआईआईई), चीन के उच्च-स्तरीय खुलेपन, यूएनडीपी और चीन के बीच सहयोग तथा वैश्विक विकास के मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। डे क्रू ने कहा कि उन्होंने अभी-अभी नौवें चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात मेले के उद्घाटन समारोह में भाग लिया है, और उन्होंने चीन में निहित जीवंतता, दुनिया के प्रति खुलेपन का रुख, तथा वैश्विक स्तर पर चीनी बाजार को खोलने के संकल्प को व्यक्तिगत रूप से महसूस किया है।…

बीजिंग, 7 नवंबर (आईएएनएस)। हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के प्रशासक अलेक्जेंडर डे क्रू ने चाइना मीडिया ग्रुप(सीएमजी) को विशेष साक्षात्कार दिया, जिसमें उन्होंने चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात मेला (सीआईआईई), चीन के उच्च-स्तरीय खुलेपन, यूएनडीपी और चीन के बीच सहयोग तथा वैश्विक विकास के मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।

डे क्रू ने कहा कि उन्होंने अभी-अभी नौवें चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात मेले के उद्घाटन समारोह में भाग लिया है, और उन्होंने चीन में निहित जीवंतता, दुनिया के प्रति खुलेपन का रुख, तथा वैश्विक स्तर पर चीनी बाजार को खोलने के संकल्प को व्यक्तिगत रूप से महसूस किया है। उनका मानना है कि सीआईआईई न केवल वस्तुओं और सेवाओं को चीनी बाजार में प्रवेश करने के लिए बढ़ावा देता है, बल्कि शून्य-टैरिफ नीतियों जैसे उपायों के माध्यम से अल्पविकसित देशों और अफ्रीकी देशों को व्यापार में भाग लेने में भी मदद करता है, जिससे विभिन्न देशों को अपनी आर्थिक और औद्योगिक मॉडल को बदलने, निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने, घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजित करने में मदद मिलती है।

डे क्रू ने बताया कि पहली बार प्रदर्शनी में भाग लेने वाले पक्ष के रूप में यूएनडीपी “हर साल चीनी आपूर्तिकर्ताओं से लगभग 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर के उत्पाद खरीदता है”, जिसमें दवाओं, भारी उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े उत्पादों सहित कई श्रेणियां शामिल हैं।

साक्षात्कार में डे क्रू ने 1979 में पेइचिंग में यूएनडीपी का चीन प्रतिनिधि कार्यालय स्थापित होने के बाद से चीन के साथ सहयोग की यात्रा की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की साझेदारी “अधिक रणनीतिक महत्व के नए चरण की ओर बढ़ रही है”, और शांगहाई में एक वैश्विक सतत विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसका ध्यान तीन मुख्य दिशाओं पर होगा: पहला, हरित परिवर्तन—आर्थिक विकास को पारिस्थितिक पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुँचाए बिना कैसे प्राप्त किया जाए, इस पर शोध करना। दूसरा, डिजिटलीकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) परिवर्तन, जो प्रौद्योगिकी विकास को आगे बढ़ाने वाला एक शक्तिशाली इंजन है। तीसरा, विकास वित्तपोषण, जिसका मुख्य विषय है निजी पूंजी का लाभ कैसे उठाना और निजी पूंजी की सहायता से विकास के परिणामों का विस्तार करना।

चीन की गरीबी उपशमन उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए, डे क्रू ने कहा कि 40 से अधिक वर्षों में, चीन में लगभग 80 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, और चीन के विकास ने पूरी दुनिया पर गहरा प्रभाव डाला है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मुद्दे पर, उन्होंने प्रस्ताव रखा कि अत्याधुनिक मॉडलों के लिए सुरक्षा गार्डरेल स्थापित किए जाएं, ताकि प्रौद्योगिकी नियंत्रण से बाहर न हो, तथा प्रौद्योगिकी की निष्पक्ष पहुंच को बढ़ावा दिया जाए, जिससे देशों को सहायक क्षमताएं स्थापित करने में मदद मिले।

डे क्रू ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी देश अकेले जलवायु परिवर्तन, गरीबी उन्मूलन जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना नहीं कर सकता, अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक वस्तुएं भी केवल सभी देशों के संयुक्त सहयोग पर निर्भर हो सकती हैं और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करना चाहिए, ताकि विकास के परिणाम अधिक देशों और लोगों को लाभ पहुंचा सकें।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

डीकेपी/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.