इजरायली विरोध के बावजूद बर्न में जुटेंगे अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि; 60 दिनों के भीतर फाइनल होनी है बड़ी डील

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US Iran Switzerland Peace Talks : अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता होने के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधि पहली बार आमने-सामने की मेज पर बैठने जा रहे हैं। स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक के लिए ईरान की टीम पहुंच चुकी है। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने सहयोगियों के साथ स्विट्जरलैंड पहुंच गए हैं। इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुके हैं। Iran US 6 Billion Dollar Fund Release : शांति वार्ता पर मंडराने लगा था खतरा हाल ही में लेबनान…

US Iran Switzerland Peace Talks : अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता होने के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधि पहली बार आमने-सामने की मेज पर बैठने जा रहे हैं। स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक के लिए ईरान की टीम पहुंच चुकी है। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने सहयोगियों के साथ स्विट्जरलैंड पहुंच गए हैं। इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो चुके हैं।

Iran US 6 Billion Dollar Fund Release : शांति वार्ता पर मंडराने लगा था खतरा

US Iran Switzerland Peace Talks
source : social media

हाल ही में लेबनान पर हुए इजरायली हमलों के बाद इस शांति वार्ता पर संकट मंडराने लगा था और इसे कुछ समय के लिए टाल दिया गया था। जानकारों के मुताबिक, अमेरिका इस पहले दौर की बातचीत में ईरान के परमाणु ठिकानों के निरीक्षण को लेकर अंतिम मुहर लगवाना चाहता है। वाशिंगटन की शर्त है कि ईरान उन सभी ठिकानों पर अमेरिकी प्रतिनिधियों को जाने की इजाजत दे, जहां अमेरिका ने बमबारी की थी। इसके बदले में अमेरिका ईरान के रोके गए 6 अरब डॉलर के फंड को जारी करने पर सहमत होगा।

दोनों देशों के बीच हुई इस ऐतिहासिक डील के क्रियान्वयन के लिए 60 दिनों की समय सीमा तय की गई है। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य पिछले चार महीनों से चल रहे युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने के लिए तकनीकी पहलुओं और प्रमुख ब्योरों को फाइनल करना है।

इजरायल का विरोध

इस पूरी शांति वार्ता पर इजरायल का विरोध लगातार बना हुआ है। इजरायली प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह अमेरिका-ईरान के बीच हुए किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं करता और अपनी सुरक्षा के लिए स्वतंत्र रूप से सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार रखता है।

हालांकि, इस तनाव के बीच अमेरिकी और कतरी मध्यस्थों ने ईरान के सहयोग से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी सैन्य झड़पों को रोकने के लिए एक सहमति बनाने में कामयाबी हासिल की है। इस कूटनीतिक प्रगति के बाद ही ईरान के सरकारी मीडिया ने शनिवार को अपने शीर्ष अधिकारियों के स्विट्जरलैंड जाने की आधिकारिक घोषणा की।

Strait of Hormuz Iran Israel Tension : स्विट्जरलैंड पहुंचे ईरानी टीम

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स्विट्जरलैंड पहुंचे ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहां की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ कर रहे हैं। इस टीम में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अलावा देश के केंद्रीय बैंक और तेल क्षेत्र से जुड़े शीर्ष अधिकारी भी शामिल हैं, जो आर्थिक प्रतिबंधों और फंड रिलीज जैसे तकनीकी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

गौरतलब है कि ठीक एक दिन पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का एलान कर दुनिया को चौंका दिया था। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने सरकारी टेलीविजन पर कहा था कि लेबनान में इजरायली हमले जारी रहने और अमेरिका की तरफ से युद्ध खत्म करने के वादों का उल्लंघन करने के विरोध में यह कदम उठाया गया है। ईरान ने चेतावनी भी दी थी कि अगर आक्रामकता नहीं रुकी, तो वे आगे के कदम उठाएंगे। हालांकि, होर्मुज को लेकर उपजे इस ताजा तनाव का स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ा है और दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार हैं।

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।