अमेरिकी संसद ने महत्वपूर्ण ‘गांधी-किंग स्कॉलर्ली एक्सचेंज इनीशिएटिव एक्ट’ पारित किया है। यह महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर के कार्यों एवं धरोहर पर अमेरिका एवं भारत के बीच एक शैक्षणिक मंच स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
इस अधिनियम का मसौदा नागरिक अधिकार कार्यकर्ता एवं अमेरिकी कांग्रेस(संसद) के सदस्य रहे जॉन लेविस ने तैयार किया था। उनका इस साल की शुरूआत में निधन हो गया था। यह अधिनियम गांधी-किंग वैचारिक आदान-प्रदान पहल के लिए वित्त वर्ष 2025 तक प्रति वर्ष 10 लाख डॉलर का प्रावधान करेगा।
अधिनियम गांधी-किंग ग्लोबल एकेडमी के लिए वित्त वर्ष 2021 में 20 लाख डॉलर का और अमेरिका-भारत गांधी किंग डवलपमेंट फाउंडेशन के लिए 2021 में तीन करोड़ डॉलर का प्रावधान करेगा।
पूरे विधेयक के तहत 2.3 हजार अरब डॉलर का प्रावधान किया गया है जिसमें 900 अरब डॉलर का कोरोना वायरस राहत पैकेज भी शामिल है।
विधेयक ने यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएड) को एक अमेरिका-भारत विकास संगठन स्थापित करने के लिए भी अधिकृत किया है, जो भारत में विकास प्राथमिकताओं के क्षेत्र में निजी क्षेत्र को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगा।


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