Delhi News : देश की पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और गांवों में विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने नई पहल की है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों से मिलकर ‘आत्मनिर्भर पंचायत’ और ‘विकसित पंचायत’ बनाने की दिशा में काम करने की अपील की है। उन्होंने यह बात 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित ‘पीपल्स प्लान कैंपेन (PPC) 2026-27’ की राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।
इस कार्यशाला में देशभर से 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में पंचायतों की जमीन पर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए चार्जिंग स्टेशन और बैटरी बदलने की सुविधा शुरू करने को लेकर पंचायती राज मंत्रालय और कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL) के बीच समझौता भी हुआ। इससे पंचायतों को कमाई का नया जरिया मिलेगा और गांवों में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।
पंचायतों को अपनी कमाई बढ़ाने पर देना होगा जोर
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि पंचायतें तभी सही मायने में आत्मनिर्भर बन सकती हैं, जब ग्राम सभाएं अपनी जरूरतों के हिसाब से विकास योजनाएं तैयार करें और अपनी आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते तलाशें। पंचायतों को केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय खुद के राजस्व स्रोत (OSR) मजबूत करने होंगे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना’ (PM VGSY) को मंजूरी दी है।
इस योजना का उद्देश्य गांवों में विकास कार्यों को बेहतर बनाना और पंचायतों को मजबूत करना है। इसके तहत सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने, ग्राम पंचायत विकास योजनाएं समय पर तैयार करने और पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी पूरा होगा, जब गांवों की पंचायतें मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगी। उन्होंने ग्राम सभाओं में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने और डिजिटल माध्यम से योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने की जरूरत भी बताई।
पंचायत की जमीन पर बनेंगे EV चार्जिंग स्टेशन
कार्यशाला के दौरान पंचायती राज मंत्रालय और CESL के बीच हुए समझौते के तहत ग्राम, ब्लॉक और जिला पंचायतों की उपयुक्त जमीन पर इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इन केंद्रों पर दोपहिया, तिपहिया, कारों और भारी वाहनों के लिए चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
इससे गांवों और राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों के आसपास इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही पंचायतों को अपनी जमीन के इस्तेमाल से नियमित आमदनी भी हो सकेगी। समझौते के अनुसार, पंचायती राज मंत्रालय राज्यों के साथ मिलकर उपयुक्त जमीन की पहचान करेगा। वहीं CESL जगह का निरीक्षण करने से लेकर चार्जिंग स्टेशन लगाने, शुरू करने और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी।
चार्जिंग स्टेशन से पंचायतों को होगी कमाई
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य पंचायतों की अपनी आमदनी बढ़ाना है। पंचायत की खाली या उपयुक्त जमीन का इस्तेमाल अब चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए किया जा सकेगा। इससे पंचायतों को आय का नया स्रोत मिलेगा, जिसका उपयोग गांवों में विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं और लोगों की जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकेगा।
विकास योजनाओं में ग्रामीणों की राय होगी अहम
पंचायती राज मंत्रालय के सचिव डॉ. विनीत जोशी ने कहा कि ‘पीपल्स प्लान कैंपेन’ के तहत गांवों की विकास योजनाएं तैयार करने में आम लोगों की भागीदारी जरूरी है। ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) केवल सरकारी योजनाओं और बजट तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें गांव के लोगों की जरूरतों और उनकी प्राथमिकताओं को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग ने वर्ष 2026 से 2031 के बीच 28 राज्यों के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 4,35,236 करोड़ रुपये के अनुदान की सिफारिश की है। ऐसे में पंचायतों की जिम्मेदारी है कि वे इस राशि का सही इस्तेमाल करें।


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