बांकीपुर हार के बाद PM मोदी-नीतीश की दिल्ली में मुलाकात, क्या सम्राट चौधरी की कुर्सी पर हुआ मंथन?

Summary :

बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की 30 साल पुरानी सीट हारने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। जन सुराज ने पहली बार विधानसभा में जीत दर्ज की, जबकि हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दिल्ली में मुलाकात ने नए राजनीतिक समीकरणों और संभावित बदलावों को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया।

बिहार पटना की सबसे हाई प्रोफाइल विधानसभा सीट में शामिल बांकीपुर सीट भाजपा हार चुकी है। बीजेपी इस सीट पर लगभग 30 साल से राज कर रही थी, लेकिन बीते दिन 3 अगस्त 2026 को बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम जनसुराज के खेमे में आया। इस चुनावी जीत के साथ, जन सुराज ने बिहार में अपना पहला विधायक जीतकर इतिहास रच दिया है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बीजेपी के नीरज कुमार को लगभग 19,000 वोटों के अंतर से हराकर यह सीट जीत ली है। ऐसे में बीजेपी के खेमे से अपनी पुश्तैनी सीट निकल जाने से राजनीतिक महकमे में सरगर्मी बढ़ गई है। राजनीतिक दलों ने पार्टी की हार के लिए सम्राट चौधरी और बीजेपी के कुछ नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। अब ऐसे में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज, मंगलवार, 4 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात ने कई तरह की अटकलों को तेज कर दिया है; संकेत लगाए रहे हैं कि क्या यह बिहार की राजनीतिक स्थिति में बदलाव का संकेत है या फिर कुछ और ही है।

PM मोदी-नीतीश की बंद कमरे में बैठक

बता दें कि बांकीपुर विधानसभा सीट कई महीनों से खाली थी। इस सीट से मूल रूप से बीजेपी के नितिन नवीन विधायक चुने गए थे, लेकिन बाद में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया। इसके बाद हुए उपचुनाव में बीजेपी बांकीपुर सीट हार गई। यह वह निर्वाचन क्षेत्र था जिसे पहले पार्टी का अभेद्य गढ़ माना जाता था। इसके बाद, चुनावी हार के ठीक एक दिन बाद पीएम मोदी और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के बीच हुई बैठक ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक का असली मकसद अभी तक आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है; हालांकि, पीएम मोदी और नीतीश के बीच बंद कमरे में हुई इस बैठक ने राजनीतिक हलकों में जबरदस्त अटकलें बढ़ा दी है।

बांकीपुर उपचुनाव 2026 का समीकरण

Bankipur Election Result 2026 (credit-sm)

बता दें कि बांकीपुर उपचुनाव के लिए वोटिंग 30 जुलाई को हुई थी। चुनावी मैदान में करीब 25 उम्मीदवार थे। जिनमें लालू यादव, नीतीश कुमार भी निर्दलीय चुनाव लड़े। कुल मिलकार 8 निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी अखाड़े में थे। हालांकि, चुनावी परिणाम 3 अगस्त को सामने आया। जिसमें जनसुराज के प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले। और भाजपा के उम्मीदवार, नीरज कुमार सिन्हा को PK से लगभग 19,324 वोट कम मिले। तीसरे स्थान पर राजद की रेखा गुप्ता रही। इस चुनाव में भाजपा का किला ढह गया तो जनसुराज का खाता खुला। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 3.8 लाख मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। इस बार 34.30 फीसदी मतदान हुए। वहीं प्रशांत किशोर ने इस सीट को जीत कर एक नया इतिहास रच दिया है। PK के समर्थक इस जीत से काफी खुश है और भाजपा पर लगातार हमलावर हो रहे हैं।

बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार कैसे हुई?

बताया जा रहा है कि बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार के पीछे कई स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार को लेकर वहां की जनता में नाराजगी, विपक्ष की बेहतर रणनीति और प्रभावी वोट ट्रांसफर को सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है। इसके अलावा कम मतदान,पोलिंग बूथ स्तर पर संगठन की कमजोर पकड़ और मतदाताओं की नाराजगी ने भी चुनावी नतीजों को प्रभावित किया है। वहीं जनसुराज की पकड़ जनता के बीच उन्हें जीत दिलाई है।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।