देश के अन्य राज्यों की तरह ही बिहार भी कोरोना वायरस (कोविड-19) के कहर से अछूता नहीं है। राज्य में कोरोना के 6 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से एक की मौत हो चुकी है। इसी बीच राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गरीबों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 100 करोड रूपये जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक इस राशि का उपयोग आपदा राहत केंद्र बनाने के लिया होगा।
इनमें लॉकडाउन की वजह से प्रभावित मजदूरों, रिक्शाचालक, ठेला वेंडर एवं रास्ते में फंसे गरीबों के भोजन एवं आवासन की व्यवस्था की जाएगी। जो लोग बिहार के बाहर फंसे हैं या रास्ते में हैं उन्हें स्थानिक आयुक्त (रेसिडेंट कमिशनर) के माध्यम संबंधित राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर वहीं पर भोजन एवं आवासन की व्यवस्था बिहार सरकार के खर्च पर की जा रही है।
बिहार में कोरोना वायरस से दो लोगों के संक्रमण की पुष्टि, संख्या बढ़कर 6 हुई
आपदा राहत केंद्रों पर कोरोना वायरस की रोकथाम से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। उल्लेखनीय है कि मुंगेर जिला के दो मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद बिहार में इस रोग से संक्रमित लोगों की संख्या बढकर अब 6 हो गयी जबकि इससे मुंगेर निवासी एक मरीज की शनिवार को मौत हो गयी थी।
पटना स्थित राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इन्स्टिटूट (आरएमआरआई) के निदेशक डा। प्रदीप दास ने गुरूवार को बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण वाले दो नए मामले मुंगेर के हैं। दास ने बताया कि अबतक कोरोना वायरस के 401 संदिग्ध सैंपल की जांच की जा चुकी है जिसमें से 6 पाज़िटिव तथा 395 निगेटिव पाए गए हैं।
मुंगेर निवासी जिस व्यक्ति की शनिवार को मौत हो गई थी उनके संपर्क में बीते दिनों में 64 व्यक्ति आए थे। इनमें से 55 के सैंपल जांच के लिए आरएमआरआई में भेजे गये हैं और कोरोना संक्रमण के ये दोनों मामले उन्हीं में से हैं। इनमें एक महिला (40) और एक बच्चा (12) शामिल हैं। मुंगेर के जिलाधिकारी राजेश मीणा ने बताया कि इन दोनों मरीजों को इलाज के लिए भागलपुर भेजा जाएगा जबकि बाकी अन्य को घरों में पृथक रखा गया है।


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