बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दौरान हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग की, आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रगान का अपमान किया है। तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
बिहार विधानसभा में आज बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा होने लगा। विपक्षी दलों के हंगामे के बाद अब विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। विपक्षी दलों के विधायक ‘राष्ट्रगान का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ का नारा लगा रहे थे। हंगामे के दौरान सीएम नीतीश भी सदन में मौजूद थे।
सीएम नीतीश के इस्तीफे की मांग
विपक्षी दल नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। भारी हंगामे के बीच बिहार विधानसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। कांग्रेस के विधायक मुन्ना तिवारी ने कहा कि नीतीश मेंटली अनफिट हैं, इस्तीफा दें। आरजेडी के विधायक मुकेश यादव ने कहा कि नीतीश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो। इस दौरान जेडीयू के मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि कार्य स्थगन प्रस्ताव का समय होता है, उस समय उठे। नेता प्रतिपक्ष सीएम का कितना सम्मान करते हैं पूरा बिहार जानता है।
राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप
आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह ने कहा कि राष्ट्रगान का अपमान नीतीश ने दिया है। तीन साल की सजा होनी चाहिए। हाथों में बैनर-पोस्टर तिरंगे के साथ आरजेडी के विधायक विधानसभा पोर्टिको में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे तो तेजस्वी यादव भी पहुंच गए।
तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार हमसे बड़े हैं। हम उनका सम्मान करते हैं। कल उन्होंने राष्ट्रगान का अपमान किया। बिहारियों का सिर शर्म से झुक गया। यह पहली बार है कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगान का अपमान किया है। हमें उनके स्वास्थ्य की चिंता है, लेकिन उन्होंने राष्ट्रगान का अपमान किया है। नीतीश को आज सदन में देश की 140 करोड़ जनता से माफी मांगनी चाहिए। नीतीश पीएम मोदी के प्रिय मुख्यमंत्री हैं। पीएम ने इस घटना पर कुछ नहीं कहा। भाजपा के लोग खुद को राष्ट्रवादी कहते हैं, लेकिन इस घटना पर सभी ने चुप्पी साध रखी है। नीतीश को संन्यास ले लेना चाहिए।
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