कांग्रेस की CWC बैठक में विदेश नीति और आर्थिक संकट पर हुई चर्चा

Summary :

विदेश नीति और संगठनात्मक सुधारों पर CWC बैठक में विचार-विमर्श

कांग्रेस की केंद्रीय कार्यकारी समिति की बैठक में आगामी बिहार और गुजरात विधानसभा चुनावों पर गहन चर्चा हुई। बैठक में पार्टी की चुनावी रणनीति, विदेश नीति, आर्थिक संकट और संगठनात्मक सुधारों पर विचार किया गया। सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए गुजरात में पार्टी की स्थिति मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

बिहार और गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को शुरू हो गई। बैठक में पार्टी की चुनावी रणनीति और भविष्य के कदमों पर गहन चर्चा की जा रही है। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने मंगलवार को बैठक के बाद कहा कि बैठक में पार्टी के सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें आर्थिक, राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दे शामिल हैं। राजीव शुक्ला ने बताया कि बैठक के दौरान पार्टी ने विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। विदेश नीति, राजनीतिक स्थिति, और मौजूदा आर्थिक संकट पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के कारण आए आर्थिक बदलावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा, पार्टी संगठन में सुधार के लिए संभावित बदलावों पर भी विचार किया गया।

कांग्रेस का 84 वां अधिवेशन शुरू, CWC की बैठक में शीर्ष नेतृत्व मौजूद

उन्होंने कहा कि गुजरात को लेकर भी एक अलग प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया गया। पार्टी ने सरदार पटेल के योगदान को लेकर प्रस्ताव पारित किया और यह निर्णय लिया गया कि पार्टी गुजरात में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल की अध्‍यक्षता में कांग्रेस ने 24 साल तक कार्य किया और उनके योगदान को महत्व देते हुए पार्टी गुजरात में आगामी चुनावों में पूरी मजबूती से उतरेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की इस बैठक में सभी प्रमुख नेताओं ने अपने विचार रखे और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार की। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, जिनमें पार्टी की आगामी दिशा और कार्य योजनाओं पर विचार किया जाएगा।

बता दें कि गुजरात में 64 साल बाद कांग्रेस पार्टी यह कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इससे पहले, 1961 में भावनगर में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था, जो आजादी के बाद गुजरात में पार्टी का पहला बड़ा कार्यक्रम था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी मंगलवार सुबह करीब 10.30 बजे अहमदाबाद पहुंचे, जबकि प्रियंका गांधी नहीं पहुंचीं।

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