पटना : बिहार में ग्राम स्वराज को मजबूती प्रदान करने के लिए महात्मा गांधी की कर्मभूमि मोतिहारी से एक नए आंदोलन की शुरुआत की गई है। यह आंदोलन ग्राम स्वराज को मूर्त रूप प्रदान करने के साथ साथ ग्राम स्वराज से जुड़े जनप्रतिनिधियों को मान सम्मान के लिए है। इस संदर्भ में विधान पार्षद एवं विधान परिषद में पंचायती राज एवं जिला परिषद के समिती के सदस्य महेश्वर सिंह के नेतृत्व में मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष के साथ चंपारण के चार सौ पंचायत के प्रतिनिधि ने पैदल मार्च कर अपना ज्ञापन राज्य सरकार को जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। विधान परिषद के पंचायती राज एवं जिला परिषद समिति के सदस्य महेश्वर सिंह ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण महात्मा गांधी के सपनों का ग्राम स्वराज अपनी राह से भटक गया है । ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों के कई अधिकार छीन लिये गये है। ऐसे में स्वस्थ एवं मजबूत ग्राम स्वराज की परिकल्पना करना बेईमानी है। सरकारी नीतियों के खिलाफ यह मार्च राज्य स्तर पर जाएगा और आज इसकी विधिवत शुरुआत हो चुकी है । उन्होंने कहा कि पंचायती राज अधिनियम की धारा 170 को लागू कर लोक सेवक के दर्जा देना, जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा प्रदान करना, मनरेगा पंचायत से एनएमएमएस खत्म करने के साथ, सोलर स्ट्रीट लाइट की जिम्मेदारी पुनः से ग्राम पंचायत को देना , जनप्रतिनिधियों को मिलने वाले वेतन मानदेय में वृद्धि करने की मांग आदि को लेकर राज्य सरकार से की गई है । इसके लिए सड़क से सदन तक आंदोलन जारी रहेंगे। मौके पर राजू बैठा , संतोष पासवान, मोहम्मद सरफराज, कस्तूरी खान, आदि सैकड़ों जनप्रतिनिधि पैदल मार्च में शामिल हुए।
ग्राम स्वराज अपनी राह से भटक चुका : महेश्वर सिंह
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पटना : बिहार में ग्राम स्वराज को मजबूती प्रदान करने के लिए महात्मा गांधी की कर्मभूमि मोतिहारी से एक नए आंदोलन की शुरुआत की गई है।


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