राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बिहार पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ मिलकर मंगलवार को बिहार के गया जिले के एक जंगल में सीपीआई (माओवादी) के आतंकवादियों द्वारा छिपाए गए दो आईईडी बरामद किए। यह कार्रवाई माओवादियों की साजिश को नाकाम करने में महत्वपूर्ण साबित हुई है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने राहत की सांस ली। एनआईए को सोमवार को गया जिले के लुटुवा इलाके के भुसिया जंगल में प्रतिबंधित माओवादी आतंकवादी संगठन द्वारा दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) छुपाने की खुफिया जानकारी मिली थी। जानकारी मिलने के बाद, एनआईए ने तुरंत एक अधीकारी के नेतृत्व में अपनी टीम को मौके पर भेजा। इसके बाद एनआईए ने राज्य के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और सीआरपीएफ को भी अपने इस ऑपरेशन में शामिल किया। एनआईए ने एक समन्वित अभियान के तहत यह कार्रवाई की ।
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टीम ने जंगल में छिपाए गए आईईडी को ढूंढने के लिए सावधानीपूर्वक तलाशी अभियान शुरू किया। जिसमें एनआईए की टीम ने राज्य के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और सीआरपीएफ से साथ मिलकर खोजी अभियान चलाया। इस दौरान करीब तीन किलो वजन वाले दो आईईडी कारी पहाड़ी की दो चट्टानों के बीच जमीन के नीचे छिपे हुए पाए गए। इन विस्फोटकों को माओवादी आतंकवादी संगठन द्वारा बड़े पैमाने पर तबाही मचाने के उद्देश्य से रखा गया था। इस विस्फोटक के मिलने के बाद सुरक्षाबलों और एनआईए के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
मानक प्रक्रिया के तहत, सीआरपीएफ की बम डिस्पोजल टीम (बीडीडीएस) ने इन आईईडी को उसी स्थान पर सुरक्षित तरीके से तुरंत नष्ट कर दिया। इस कंट्रोल ब्लास्ट में कोई दुर्घटना नहीं हुई और इलाके में शांति बनी रही। एनआईए ने इस मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है।


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