Muzaffarpur Hospital Fire: दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में आग लगने के बाद अब बिहार के प्रमुख निजी अस्पतालों में शुमार प्रसाद हॉस्पिटल में मंगलवार देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित इस अस्पताल में आग लगने के बाद मरीजों और उनके परिजनों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हादसे में झुलसने और दम घुटने से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी बताए जा रहे हैं। हालांकि, मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है।
ICU वार्ड में शॉर्ट सर्किट से लगी आग
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग की शुरुआत अस्पताल के ICU वार्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे आईसीयू में धुआं भर गया। धुएं के कारण वहां भर्ती गंभीर मरीजों की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई। अस्पताल में मौजूद मरीज और उनके परिजन जान बचाकर बाहर निकलने लगे, जबकि आईसीयू में भर्ती मरीजों को निकालने के लिए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।
बिहार: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के ICU में लगी भीषण आग के कारण कई लोगों की जान चली गई। घटनास्थल पर तुरंत पहुंची दमकल की टीमों ने आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है: सुब्रत कुमार…
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 4, 2026
Bihar News: परिजनों ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान सैकड़ों एंबुलेंस मरीजों को सुरक्षित स्थानों और आसपास के अन्य अस्पतालों तक पहुंचाने में जुटी रहीं। कई मरीजों को तत्काल दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया। घटनास्थल पर देर रात तक चीख-पुकार और भय का माहौल बना रहा। मरीजों के परिजन अपने प्रियजनों की जानकारी पाने के लिए अस्पताल और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। कई लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ।
आईसीयू वार्ड में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी- अग्निशमन विभाग
अग्निशमन विभाग के अधिकारी राम निवास पांडेय ने बताया कि पूरी स्थिति का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आग के कारण आईसीयू में दम घुटने से कई मरीज प्रभावित हुए हैं और मृतकों की संख्या के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में एक बयान जारी कर कहा गया है कि वह प्रशासन के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और हादसे के कारणों की जांच कराई जा रही है। जिला प्रशासन ने भी घटना की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आईसीयू वार्ड में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी भी आग के तेजी से फैलने का एक संभावित कारण हो सकती है, हालांकि अभी किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मृतकों के परिजनों को दी जाएगी 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पोक्ट में लिखा कि मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें।
सीएम सम्राट ने मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा घायलों के उपचार हेतु सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है।


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