बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में रमजान के अवसर पर रोजेदारों को दावत-ए-इफ्तार पर आमंत्रित किया। दावत-ए-इफ्तार में बड़ी संख्या में रोजेदारों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।
इस मौके पर इफ्तार के पहले मित्तन घाट के सज्जादानशीं हजरत सैयद शाह शमीमउद्दीन अहमद मुनअमी ने रमजान एवं रोजे की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला और सामूहिक दुआ की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित आमंत्रित अतिथियों ने सामूहिक दुआ में शामिल होकर राज्य की तरक्की, प्रगति, आपसी भाईचारे एवं मोहब्बत के लिए खुदा-ए-ताला से दुआ कीं।
मुख्यमंत्री ने बारी-बारी से तमाम अतिथियों एवं रोजेदारों का स्वागत किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद संजय जायसवाल, विधान पार्षद रामचन्द्र पूर्वे, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित कई मंत्री उपस्थित थे।
उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, ग्रामीण कार्य मंत्री जयंत राज, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद इशार्दुल्लाह, हज कमिटी के चेयरमैन मोहम्मद इलियास सहित अन्य विधायक और अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के क्रम में कहा कि आप सभी को इस अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष इसका आयोजन होता रहा है। पिछले दो वर्षों से कोरोना के कारण इफ्तार का आयोजन नहीं हो पा रहा था। आज के आयोजन में राज्य के विभिन्न जगहों से कई लोग आये हैं।


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