पटना, 12 जून : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अरविन्द कुमार सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तकनीक के माध्यम से वह कर दिखाया जिसकी कल्पना कभी किसी विपक्षी पार्टी ने नहीं की थी। एक समय ऐसा था कि विपक्ष के नेता मजाक उड़ाया करते थे कि एक गांव में एक चाय बेचने वाला व्यक्ति भी यूपीआई के जरिए कैसे गांव में भी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर सकता था। लेकिन आज नरेन्द्र मोदी के अथक प्रयास से यह सब मुमकिन हुआ है।
तकनीक के विषय पर मोदी सरकार का मजाक उड़ाया करते थे लेकिन आज तकनीक मौजूदा केन्द्र सरकार की योजनाओं की सफलता के मूल में है। मोदी सरकार ने जन कल्याणकारी योजनाओं को तकनीक से जोड़ने का कार्य किया और इसकी महत्ता को इससे भी समझा जा सकता है कि देश में पहली बार ऐसा संभव हो रहा है। कि समाज की कतार में आखिर में खड़ा व्यक्ति भी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभार्थी बना है।
अरविन्द ने कहा है कि विज्ञान और तकनीक नए भारत के विकास का एक ऐसा उपकरण बन गया हैं कि प्रशासनिक सुधार, बिजली, रेल सुधार, भ्रष्टाचार पर अंकुश, टैक्स पारदर्शिता, जीएसटी से एक देश- एक टैक्स, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, किसानों – महिलाओं के हित में कदम, शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव से लेकर रक्षा आधुनिकीकरण और दशकों से लंबित ऐसी परियोजनाएं साकार हो रही हैं, जो पहले असंभव लगती थीं।
माइनस 30 डिग्री वाले लद्दाख में नल से जल पहुंचाना हो या फिर असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर बोगीबील पुल का तेजी से निर्माण, रोहतांग में मनाली – लेह राजमार्ग पर अटल टनल का निर्माण, गांव – गांव में रसोई गैस, बिजली, सड़क सुविधाओं का विस्तार, 11 करोड़ से अधिक शौचालय बनाकर देश को खुले में शौच से मुक्त कराना, 43 करोड़ से अधिक लोगों को आजादी के बाद पहली बार जनधन योजना के जरिए बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना।
आयुष्मान भारत जैसी योजना से 50 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त 5 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा देना, 11 करोड़ किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से अब तक पौने दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसान सम्मान निधि के रूप में देना, 34 साल बाद देश को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा का ग्लोबल हब बनाने की तैयारी, नित नए खोज को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में अटल इनोवेशन मिशन की शुरुआत, स्टार्टअप से यूनिकॉर्न की दिशा में बढ़ना, ब्रोडो – ब्रू – रियांग जैसे समझौतों से शांति बहाली का प्रयास करना।
पूर्वोत्तर में हवाई और रेल नेटवर्क को पहली बार भारत के मानचित्र पर लाना, जम्मू – कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाना, ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथाओं का अंत, सामाजिक समरसता के साथ अयोध्या में राममंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना और कोविड जैसी वैश्विक महामारी के संकट काल में आत्मनिर्भर भारत की अलख जगाना। ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं जो बेड़ियों को तोड़ क्रांतिकारी परिवर्तन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत के निर्माण की दशा – दिशा निर्धारित कर रहे हैं ।


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