गया : रामपुर हाट-गया पैसेंजर में तीन अपराधियों से जूझकर स्मिता कुमारी ने अपने वर्षीय पुत्र हार्दिक को किसी प्रकार अपराधियों से बचा लिया। हालांकि इसी दौरान अपराधी उसका बैग लेकर भाग रहे थे। इसे बचाने में स्मिता के पति और शिक्षक रितेश कुमार टे्रन से नीचे गिर गये। इसमें उनकी मौत हो गयी। रितेश का दोनों पैर कट गया था। इलाज के लिए पटना ले जाने के क्रम में रास्ते में पावापुरी के पास उनकी मौत हो गयी। रितेश के टे्रन से नीचे गिरने और अपराधयिों को ट्रेन से कूूदकर भाग जाने के बाद स्मिता एक फोन कॉल करने के लिए टे्रन में यात्रियों से गिड़गिड़ाती रही। किसी ने उसकी सुध नहीं ली।
मिली जानकारी के अनुसार स्मिता का मोबाइल चोरी गये बैग में ही था। सासाराम उच्च विद्यालय में कार्यरत शिक्षक रितेश कुमार अपनी पत्नी स्मिता व चार साल के पुत्र हार्दिक के साथ नवादा से गया आ रहे थे। शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही विद्यालय में शोक की लहर दौड़ गयी। बता दें कि कुछ अपराधियों ने उसके बच्चे को छीनने का प्रयास किया था।
घटना के बारे में अपने बड़े भाई गौतम से जिक्र करते हुए उसने बताया कि नवादा से ट्रेन चलने के बाद ही तीन युवक उनकी सीट के पास आकर बैठ गये और पुत्र हार्दिक को अपनी गोद में लेने का प्रयास करने लगे। पत्नी ने बच्चे को अपने पास ले लिया। टे्रन जब हिसुआ पार कर गयी तो तीनों युवक बच्चे को एक बार फिर जबरदस्ती छीनने लगे। काफी हो हल्ला के बाद भी अपराधियों का मनोबल कम नहीं हुआ। अपराधी लगातार बच्चे को छीनने की कोशिश कर रहे थे। इस बीच स्मिता ने लोगों से बचाने की अपील भी की लेकिन किसी ने भी मदद नहीं की।


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