दरभंगा : बिहार के दरभंगा जिले में एक पुल बीते दो दशकों से महज शोपीस बना हुआ है। तारालाही लोहारसारी चौक से सीनुआरा और अम्माडीह बाद को जोड़ने वाले इस मार्ग पर स्थित नहर पर यह पुल भले ही वर्षों पहले बन चुका है, लेकिन एप्रोच रोड के अभाव में आज तक इसका उपयोग नहीं हो सका है। स्थानीय निवासी लाल बाबू पासवान बताते हैं कि यह पुल करीब 20 साल पहले बनाया गया था, लेकिन आज तक एक भी वाहन या व्यक्ति इसे पार नहीं कर सका। क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है, और बारिश के समय नहर में जलस्तर बढ़ने से रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीयों की परेशानी, प्रशासन की अनदेखी
भुटाई यादव और चंदन झा जैसे ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पुल का निर्माण तो हो गया, लेकिन एप्रोच रोड नहीं बन पाने के कारण यह कभी भी जनता के उपयोग में नहीं आ पाया। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार इस समस्या पर संज्ञान ले और जल्द से जल्द एप्रोच रोड का निर्माण कराए।
बाढ़ के समय बढ़ती है मुसीबत
हर साल मानसून के दौरान जब नहर उफान पर होती है, तब इस मार्ग से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा होता है। क्षेत्र के लोग कहते हैं कि यदि एप्रोच रोड का निर्माण कर दिया जाए, तो यह पुल हजारों लोगों के आवागमन का जरिया बन सकता है और स्थानीय विकास को भी गति मिलेगी।
सरकारी उदासीनता पर सवाल
स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। 20 वर्षों से अधूरी पड़ी यह परियोजना बिहार की बुनियादी ढांचे की बदहाली और विकास योजनाओं में लापरवाही की एक मिसाल बनकर रह गई है।
जनता की मांग, जल्द हो समाधान
ग्रामीणों की मांग है कि सरकार इस मामले को प्राथमिकता में ले और तत्काल एप्रोच रोड बनवाकर इस पुल को उपयोगी बनाए। सवाल यह भी है कि जब एक पुल बन चुका है, तो उसका लाभ जनता को अब तक क्यों नहीं मिल सका?


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