वाह रे बिहार! इस विश्वविद्यालय में फिर बिगड़ा छात्रों का रिजल्ट, 100 में से दिए गए 275 अंक

Summary :

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRAU) एक बार फिर विवादों में आ गया है. इस बार पीजी थर्ड सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में भारी गड़बड़ी सामने आई है. कुछ छात्रों को 100 अंकों की परीक्षा में 257 अंक मिल गए हैं, जबकि 30 अंकों वाले प्रैक्टिकल में किसी को 225 अंक तक दे दिए गए. यह देखकर छात्र-छात्राएं हैरान हैं और परेशान होकर विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिजल्ट की इस गलती से छात्र काफी तनाव में हैं. कई छात्रों के रिजल्ट रोके गए हैं तो कुछ को फेल दिखा दिया…

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRAU) एक बार फिर विवादों में आ गया है. इस बार पीजी थर्ड सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में भारी गड़बड़ी सामने आई है. कुछ छात्रों को 100 अंकों की परीक्षा में 257 अंक मिल गए हैं, जबकि 30 अंकों वाले प्रैक्टिकल में किसी को 225 अंक तक दे दिए गए. यह देखकर छात्र-छात्राएं हैरान हैं और परेशान होकर विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिजल्ट की इस गलती से छात्र काफी तनाव में हैं. कई छात्रों के रिजल्ट रोके गए हैं तो कुछ को फेल दिखा दिया गया है, जबकि उन्होंने सभी विषयों की परीक्षा दी थी और उनका प्रदर्शन भी बेहतर रहा था. इससे छात्र गुस्से में हैं और विश्वविद्यालय व कॉलेज प्रशासन को जिम्मेदार मान रहे हैं.

पहले भी हो चुकी हैं इस तरह की लापरवाही

यह पहली बार नहीं है जब BRAU के परिणामों में गड़बड़ी सामने आई हो. इससे पहले भी विश्वविद्यालय की कई परीक्षाओं में अंक जोड़ने, कॉपी जांचने और परिणाम घोषित करने में गलतियां होती रही हैं. छात्रों का कहना है कि हर बार प्रशासन इसे छोटी सी गलती बताकर टाल देता है, लेकिन इन गलतियों का सीधा असर उनके करियर पर पड़ता है. कई बार छात्र उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं में फॉर्म भरने से चूक जाते हैं.

जल्द होगा गलती का सुधार

इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि यह गड़बड़ी तकनीकी या मानवीय भूल के कारण हुई है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि आने वाले दो कार्य दिवसों में सभी गलतियों को ठीक कर दिया जाएगा और छात्रों को सही मार्कशीट दी जाएगी.

छात्रों ने की कार्रवाई की मांग

छात्रों की मांग है कि सिर्फ गलती सुधारने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिनकी लापरवाही से यह स्थिति बनी है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. छात्रों का कहना है कि बार-बार ऐसी गलतियों से उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है, और प्रशासन हर बार सिर्फ वादा करके चुप हो जाता है.

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।