आखिर कौन है ‘रामायण’ का ये मल्टी टेलेंटेड एक्टर , जिसने एक – दो नहीं बल्कि दर्जनभर किरदार निभाए है !

Summary :

रामायण शो के प्रमुख किरदार जैसे राम-सीता से लेकर लक्ष्मण, भरत शत्रुघ्न और रावण-मेघनाद को निभाने वाले कलाकारों के बारे में तो सब जानते है लेकिन आप जानकर हैरान होंगे कि इस सीरियल में एक किरदार ऐसा भी है जिसने एक – दो नहीं बल्कि दर्जन भर किरदार निभाए है पर फैंस इनके बारे में नहीं जानते।

इन दिनों लोगों को लॉक डाउन की बोरियत से बचाने के लिए दूरदर्शन ने 90 के दशक के हिट शो रामायण को एक बार फिर से टेलीविज़न पर पेश किया है और दर्शकों से इस शो को जबरदस्त टीआरपी हासिल हो रही है। शो के प्रमुख किरदार जैसे राम-सीता से लेकर लक्ष्मण, भरत शत्रुघ्न और रावण-मेघनाद को निभाने वाले कलाकारों के बारे में तो सब जानते है लेकिन आप जानकर हैरान होंगे कि इस सीरियल में एक किरदार ऐसा भी है जिसने एक – दो नहीं बल्कि दर्जन भर किरदार निभाए है पर फैंस इनके बारे में नहीं जानते। 
 इस ऐक्टर की खोज जारी है 


आजकल सोशल मीडिया का ज़माना है और इंटरनेट पर चर्चा है कि आखिर ये कलाकार कौन है जो शो में अलग अलग किरदारों में नजर आ रहा है। अलग – अलग किरदारों में इसकी तस्वीरें वायरल हो रही है। 
सोशल मीडिया यूजर्स इसे रामायण का कमल हासन बता रहे है 

रामायण का ये मल्टी टेलेंटेड किरदार इस कदर सुर्ख़ियों में है कि शकल मिलती जुलती होने की वजह से कुछ यूजर्स इसे कमल हासन तक बता रहे है। 
वानर से लेकर समुद्र देवता और राक्षस तक का निभाया है किरदार 


इस अनजान कलाकार ने रामायण में वानर से लेकर समुद्र देवता, ऋषि मुनि, राक्षस और प्रजा तक किरदार निभाया है।  अभी तक के पांच एपिसोड्स में ये कलाकार हर एपिसोड में नजर आया है। 
कौन है यह ऐक्टर, कहां है?


अभी तक इस एक्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पायी है पर उम्मीद है जल्दी ये टैलेंटेड कलाकार के बारे में जानकारी मिल जाएगी।  
‘कृष्णा’ में निभाया राक्षसी का किरदार 


इस एक्टर ने सिर्फ रामायण ही नहीं बल्कि रामानंद सागर के सीरियल ‘कृष्णा’ में राक्षसी का रोल भी किया।
‘अलिफ लैला’ में डाकू और जिन्न तक बना

साथ ही ये एक्टर मशहूर शो ‘अलिफ लैला’ में भी डाकू से लेकर जिन्न तक कई किरदार निभा चुका है।
भगवान राम का रोल भी ये एक्टर कर सकता था 

सोशल मीडिया पर लोग इस टैलेंटेड कलाकार के बारे में कह  रहे है कि ऐसा लगता है ये भगवान राम का किरदार भी निभा सकता था , प्रभु के समान सर्वत्र विद्यमान है ये महामानव।’

Ujjwal Jain