कहते है न किसी को हंसाना बेहद मुश्किल काम है इसी मुश्किल काम को कर रहे हैं सुशांत मग्गू। बता दें कि सुशांत मग्गू एक यूट्यूबर है वह अपनी फनी विडियोज से दर्शकों को हंसाते हैं।
हाल ही में उनका साढ़े चार लाख सबस्क्राइबर का सफर पूरा हुआ है। इसी दौरान वह पंजाब केसरी के दफ्तर पहुंचे और उन्होंने अपने दो साल तक के सफर को हमसे शेयर किया:-
आपके सफर की शुरूआत कैसे हुई और यहां तक पहुंचने के लिए आपको क्या-क्या मुश्किलों का सामना करना पड़ा?
सफर की शुरूआत चार दोस्तों के साथ की थी, जिसमें एक सोशल मैसेज था। उस वीडियो की काफी लोगों से सराहना की थी और कहा कि ऐसा काम आगे भी करते रहो। उसमें बाद मैंने कॉमेडी स्कैच बनाया और फिर इसी काम में जुट गया। सच कहूं तो यहां तक पहुंचने में बहुत सारी दिक्कतें तो नहीं आई लेकिन जो हम करना चाहते थे उस पर घरवालों का विश्वास दिलाना मुश्किल था। पर जैसे-जैसे लोगों का सपोर्ट मिला तो घरवालों को भी विश्वास हुआ की हां ये कुछ कर सकता है और फिर सपोर्ट करना शुरू कर दिया।
शुरूआत में जब यूट्यूब पर काम करने से इनकम को कोई सोर्स नहीं था तो फैमिली का क्या रिएक्शन रहा?
देखिए इंडिया में दो साल पहले यूट्यूब का इतना क्रेज नहीं था। तो हर मां-बाप को ये टेंशन हमेशा की रहेगी। हर यूट्यूब के घरवालों को यहीं फिक्र होती है कि इनकम का सोर्स क्या और कैसे होगा। लेकिन जैसे-जैसे हम काम करते चले गए पता चल गया कि यूट्यूब से भी अर्निंग होती है।
यूट्यब पर आने का विचार क्यों आया?
यूट्यूब एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां आपको किसी डायरेक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है, कोई ऑडिशन देने की जरूरत नहीं है।
आपने बहुत सारे यूट्यूबर के साथ काम किया है सबसे अच्छा एक्पीरियंस किसके साथ रहा?
सबसे अच्छा एक्पीरियंंस तो हन्नी और अवनीश के साथ रहा है। उनके साथ भाईयों वाली बांडिंग है तो अच्छा लगता है।
यूट्यूब के बारे में एक नेगेटिव और एक पॉजिटिव बात क्या है?
यूट्यूब की सबसे पॉजिटिव बात ये हैं कि आप खुद ही एक्टर हो खुद ही डायरेक्टर हो। कोई आपको जज करने वाला नहीं है, आप किसी के अंडर काम नहीं करते हो। नेगेटिव चीज ये है कि लोग एक मिनट भी नहीं लगाते आपको जज करने में।


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